पथरी क्षेत्र में टिहरी विस्थापित क्षेत्र।
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टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र में अब ग्राम पंचायतों की संख्या दो से बढ़कर छह हो गई है। अलग अलग ग्राम पंचायत बनने के बाद विस्थापित क्षेत्र में ज्यादा विकास कार्य हो पाएंगे और त्रिस्तरीय पंचायत में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। नई ग्राम पंचायतों के गठन पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है।
मालूम हो कि 1981 में टिहरी बांध निर्माण के चलते वहां के कई गांवों के सैकड़ों परिवारों को पथरी के पास वन विभाग की जमीन पर बसाया गया था। उस दौर में यहां बसाए गए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां के लोगों को अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा सुविधाएं नहीं मिल पाई थी। तब यहां केवल एक ही आदर्श टिहरी नगर ग्राम पंचायत थी। पांच साल पहले एक और टिहरी डोब नगर ग्राम पंचायत बनाई गई। हालांकि इसके बाद भी बड़ा क्षेत्र होने के कारण दो ग्राम पंचायतों से विकास करना संभव नहीं हो पा रहा था। यहां के ग्रामीण लगातार अन्य ग्राम पंचायतों के गठन की मांग कर रहे थे। लोगों की मांग को देखते हुए अब चार और घोंटी, टिहरी बंदराकोटी, टिहरी विकास नगर और टिहरी भागीरथी नगर ग्राम पंचायत का गठन किया गया है।
आदर्श टिहरी नगर की ग्राम प्रधान मंजू देवी, रविंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, गंभीर सिंह, प्यार सिंह, पदम गुसाईं, पूर्व प्रधान विक्रम रावत, रोशन रावत, प्यार सिंह, राजेश पंवार, परविंदर, कमल सिंह, शेर सिंह, विजयपाल, चंदन सिंह आदि का कहना है कि अब क्षेत्र को बीडीसी में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। अलग अलग क्षेत्र के ग्राम प्रधान विकास कार्य करेंगे।