हरिद्वार। आज से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है। नए वित्त वर्ष के पहले दिन एक अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में अधिकांश परीक्षण निशुल्क होने, 24 घंटे सुविधाएं जारी रहने व कई तरह की दवाएं निशुल्क दिए जाने की योजना शुरू होनी थी। अधिकारी इस पर बैठकों में मंथन कर सभी प्रक्रियां शुरू कर चुके थे, लेकिन एक अदद शासनादेश जारी न होने पर सभी मामला अटक गया है। अधिकारी भी पशोपेश में हैं कि सुविधाएं निशुल्क जारी करनी हैं या नहीं।
अभी तक पैथोलॉजी में होने वाली ब्लड, यूरिन, शुगर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व ईसीजी आदि की जांच एक अप्रैल से निशुल्क होनी थी। इसके अलावा लैब के साथ ब्लड बैंक भी 24 घंटे खोला जाना था। जनपद के समस्त सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा जारी रखने के लिए लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, एक्स-रे टेक्नीशियन व सोशल वर्कर आदि 27 पदों पर भर्ती सीएमओ द्वारा 29 मार्च को की गई थी, लेकिन देर शाम तक इस भर्ती प्रक्रिया की सूची जारी नहीं हो सकी। दूसरी तरफ शासन की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सका। इससे सभी अस्पतालों के अधिकारी इस संबंध में कोई निर्णय नहीं ले सके, जबकि मौखिक तौर पर अधिकारियों की बैठक हो चुकी थी और सभी को दिशा-निर्देश दिए जा चुके थे।