दिल्ली के कारोबारी श्याम किशोर खन्ना हत्याकांड से कनखल पुलिस और क्रिमीनल इंटेलीजेंस यूनिट (सीआईयू) ने पर्दा उठा दिया है। हरिद्वार पुलिस का दावा है कि कारोबारी के संग आए पश्चिम बंगाल के मजदूर सगे भाइयों ने ही लूट के इरादे से हत्याकांड को अंजाम दिया था। हालांकि कारोबारी से लूटा गया मोबाइल फोन, सोने की चेन बरामद नहीं हो पाई। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
मूल रूप से दिल्ली की गांधी कालोनी, फतेहपुरी निवासी प्लास्टिक दाना कारोबारी श्याम किशोर खन्ना का कनखल के अभिषेक नगर में भी मकान है। दिल्ली से हरिद्वार अपने मकान की साफ सफाई के लिए कारोबारी अपने साथ दो मजदूर लेकर आया था। 14 फरवरी को जब मृतक की पत्नी ने जब फोन किया तो पति से संपर्क नहीं हो सका था। 15-16 फरवरी को भी संपर्क न होने पर पत्नी ने परिचित शरदपुरी को सूचना दी थी। परिचित शरदपुरी जब मकान में पहुंचे थे तब दंग रह गए थे। पहली मंजिल पर बने शौचालय में कारोबारी का शव पड़ा हुआ था। कारोबारी के साथ आए मजदूर शमशेर शेख, हाशिम शेख पुत्रगण हन्नू शेख निवासी भिट्टी कटियार थाना रायगंज उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल गायब थे। तब से पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में डेरा डाल लिया था।
थानाध्यक्ष कनखल नत्थी सिंह उनियाल ने बताया कि आरोपियों को 24 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर स्थानीय कोर्ट में पेश किया जहां से पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लेकर यहां लाया गया। एसओ ने दावा किया कि आरोपी सगे भाई पांच फरवरी को कारोबारी के साथ आए थे और 14 फरवरी को लूट के इरादे से कारोबारी की हत्या कर दी थी। एसओ ने बताया कि आरोपियों ने लूटी गई सोने की चेन एवं मोबाइल फोन बेच दिए थे और नगदी भी खर्च कर ली थी।
हत्याकांड के बाद भी मांग रहे थे फिरौती
पेशे से दिहाड़ी मजदूर भाइयों ने हत्याकांड को अंजाम देने के बाद कारोबारी की पत्नी से फिरौती भी मांगी थी। फिरौती की धमकी 14 फरवरी को दी गई थी। कारोबारी के ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। एक बार पत्नी को कॉल कर तीन लाख की रकम मांगी थी और दूसरी बार बेटी को कॉल कर पंद्रह लाख की डिमांड की गई थी। मृतक की पत्नी मंजू खन्ना ने पुलिस को सौंपे तीन पेज के पत्र में पूरे मामले का खुलासा सिलसिलेवार किया है। जानकारी दी कि उनकी पति कब मजदूरों को दिल्ली से लाए थे और उनकी हत्या के बाद कैसे फिरौती की मांग की जा रही थी।
बाबू जी गलती से मर गए साहब
कारोबारी हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपी सगे भाइयों का कहना है कि कारोबारी की हत्या उनसे गलती से हो गई थी। उन्होंने बताया कि कारोबारी से मजदूरी के पैसे को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा था कि उनके बीच मारपीट तक की नौबत आ गई थी। कारोबारी ने ही उन्हें मारने के लिए डंडा उठाया था। उस डंडे को छीनकर ही उन्होंने उस पर वार कर दिया और गुस्से में गला भी दबाया था।
मकान को लेकर भी तरह तरह की चर्चा
कारोबारी के मकान को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। बताते है कि जब मकान बन रहा था तब भी कोई अनहोनी हुई थी। शायद कोई स्थानीय मजदूर सफाई के लिए राजी न हो, इसलिए कारोबारी दिल्ली से ही मजदूर लेकर आया हो।