हरिद्वार। कई राज्य की ट्रेनों में आगजनी की घटना को अंजाम देने वाला सुभाष रामचंद्रन अपने आकाओं के साथ यहां आया था। कोच में आग लगाने के बाद पूरा गैंग यहां से रोडवेज बस से मुजफ्फरनगर पहुंचा था और फिर आठ नवंबर को मुजफ्फरनगर से यहां पहुंचकर हावड़ा के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। यह जानकारी जीआरपी की उस टीम को मिली है जो उड़ीसा के पुरी में पकड़े गए आरोपी सुभाष रामचंद्रन से पूछताछ करने गई थी।
मूल रुप से तमिलनाडू के रहने वाले सुभाष रामचंद्रन ने जीआरपी टीम को जानकारी दी है कि वह अपने आकाओं के साथ यहां चार नवंबर को पहुंचा था। उन्होंने प्लेटफार्म संख्या पांच पर खड़ी पैसेंजर कोच में आग लगाई और पैदल ही हरिद्वार हाईवे पर पहुंचे। फिर वहां से बस पकड़कर सीधे मुजफ्फरनगर में रहने वाले अपने आका के एक परिचित के घर ठहरा। आग लगाने से पहले हरिद्वार के भौगोलिक परिवेश का भी जायजा लिया था। वह तीन दिन तक मुजफ्फरनगर में ठहरे थे। फिर यहां आए और हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ही हावड़ा के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। हालांकि सुभाष यह नहीं जानता है कि वह ट्रेन कौन सी थी। न ही अपने आकाओं के बारे में कुछ जानता है। हां, आकाओं से मिलवाने वाले उत्तम नाम के एक युवक का जिक्र जरूर किया है वह भी पश्चिम बंगाल का ही रहने वाला है। उनका पांच दिसंबर को लेकर क्या साजिश रची है।