हरिद्वार। हाथरस की एक नाबालिग से जिस्मफरोशी कराने का मामला सामने आया है। हरिद्वार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जिस्मफरोशी करा रहे एक युगल को धर दबोचा। जबकि हाथरस के ही एक परिवार की नामजदगी की गई है। युगल का सत्यापन न कराने पर आश्रम संचालक से भी पुलिस एक्ट के तहत जुर्माना वसूला है।
नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि भूपतवाला की मुखिया गली के अखंड गीता मंदिर गोशाला आश्रम में एक किशोरी को युगल ने रखा हुआ था। आरोपी देवकी नंदन शर्मा, उसकी कथित पत्नी मिथलेश निवासी डंडेवाला मोहल्ला कस्बा बिलारी जिला मुरादाबाद ही किशोरी से जिस्मफरोशी करा रहे थे । देवकीनंदन भी किशोरी के साथ रेप करता चला आ रहा था। एसपी सिटी ने बताया कि पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी के चलते पिछले साल किशोरी हाथरस के ही खुशी ब्यूटी पार्लर में ब्यूटीशियन का कार्य सीख रही थी। तब पार्लर संचालिका प्रेमवती, उसका पति तेजवीर उसे दिल्ली ले गए थे। जहां तेजवीर ने उसके साथ रेप किया था। फिर तेजवीर के पुत्र भानू ने भी उसे हवस का शिकार बनाया था। बताया कि भानू ही किशोरी को यहां लाया था और चंडीघाट चौक के पास एक आश्रम में उसकी उनकी मुलाकात देवकीनंदन से हुई थी। अक्तूबर माह से किशोरी देवकीनंदन के साथ ही रह रही थी। तब से वह उसके साथ रेप कर रहा था। आरोपी देवकीनंदन और उसकी कथित पत्नी मिथलेश उससे जिस्मफरोशी करा रहे थे। एसपी सिटी के अनुसार किशोरी की शिकायत पर युगल एवं हाथरस के परिवार के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोरी का मेडिकल परीक्षण करा रहे है। युगल के कमरे से एक देसी तमंचा भी बरामद हुआ है। युगल को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
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यूं फंसी दलदल में
हरिद्वार। पैसे कमाने की चाह में निकली किशोरी जिस्मफरोशी के दलदल में फंसती चली गई। अब उसके परिजन ने भी उसे ठुकरा दिया है। हाईस्कूल तक पढ़ी लिखी किशोरी ने घर की माली हालत खराब होने पर ब्यूटीशियन की राह पकड़ ली। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसका उठाया कदम दुश्वारियां ही लेकर आएगा। उसके साथ वो हुआ जिसकी कल्पना उसने कभी नहीं की थी।
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ऐसे खुला मामला
हरिद्वार। किशोरी के हलक से आवाज नहीं निकल रही थी लेकिन कथित पति-पत्नी के बीच हुए विवाद से ही पूरे मामले से पर्दा उठ गया। दरअसल, देवकीनंदन की पत्नी बनकर रही मिथलेश के बीच किशोरी को लेकर ही विवाद हुआ। मिथलेश ने किशोरी के साथ संबंध बनाने पर ऐतराज जताया। फिर बात ऐसी बिगड़ी की मिथलेश ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। लेकिन उसने यह नहीं सोचा था कि वह भी कानून के शिकंजे में फंस जाएगी। उसने देवकीनंदन की पूरी पोल पट्टी खोलकर रख दी और फिर पुलिस ने किशोरी को मुक्त करा लिया।