हरिद्वार। वेस्ट यूपी से संचालित हो रही दो फर्जी कंपनियों ने निवेश के नाम पर सेवानिवृत्त भेलकर्मी को 44 लाख की चपत लगा दी। ठगे गए बुजुर्ग ने अब फर्जी कंपनियों के प्रतिनिधियों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया है।
ज्वालापुर के शास्त्रीनगर में सेवानिवृत्त भेलकर्मी हरप्रकाश कंडा रहते हैं। बीते वर्ष उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने अपना नाम विक्रम राठौर बताया आरैर कहा कि वह नोएडा के सेक्टर दो से संचालित होने वाली कंपनी डेविस वेल्ड कार्ड से बोल रहा है।
उनकी कंपनी केंद्र सरकार की ओर से संचालित होने वाली स्कीम के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यापन करने वाले एवं बुजुर्गों को पेंशन उपलब्ध कराती है। लेकिन इसके लिए उन्हें जमा पूंजी निवेश करनी होती है। विश्वास कर वह फिर नोएडा उनके कार्यालय पहुंच गए। वहां विक्रम राठौर ने उनकी मुलाकात सूर्यकांत, रामचरन, ओमप्रकाश, मनीष, आदित्य, प्रताप सिंह, प्रशांत राव व मनोहर लाल से कराई।
विश्वास कर उन्होंने कई लाख रुपये निवेश कर दिए। फिर सेक्टर चार, साहिबाबाद गाजियाबाद की एक दूसरी कंपनी पेस्टिक बिजनेस यार्ड के प्रशांत रावत ने भी संपर्क कर निवेश की बात कही। विश्वास कर उन्होंने उनकी कंपनी में भी कई लाख निवेश कर दिए। आरोप है कि जब वह दुबारा उन कंपनियों के कार्यालय पहुंचे तब वहां ताला लटका मिला। तब बुजुर्ग को समझ आया कि उनके साथ ठगी हुई है। पीड़ित ने जब उनके मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क साधा तब किसी ने भी कॉल रिसीव नहीं की। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने 44 लाख की जमा पूंजी लुटवा चुके बुुजुर्ग की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। कोतवाल धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसओजी की मदद भी ले रहे हैं।