कहते हैं कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बच सकता, लेकिन भागवानपुर थाने में दर्ज एक मुकदमे के आरोपी और दस हजार रुपये के इनामी वजीरा के मामले में यह कहावत सही साबित नहीं होती। सामूहिक हत्याकांड का यह आरोपी पिछले 19 साल से फरार है।
उसके दो साथियों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आज तक वजीरा की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। अपराधी आज भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। मामला 30 जुलाई 1996 का है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के मक्खनपुर गांव के जंगल में एक भट्टी पर एक परिवार मजदूरी करता था।
रात में किसी ने परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी थी। पुलिस का दावा था कि सहारनपुर क्षेत्र का एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति इस परिवार की एक लड़की से शादी करना चाहता था। परिवार के राजी नहीं होने से नाराज होकर आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों की मदद से लड़की समेत पांच परिजनों की हत्या का आरोप है।
मामले में दो आरोपी समीर निवासी ग्राम गंदेवड, थाना फतेहनपुर जिला सहारनपुर और अय्यूब निवासी ग्राम चाणचक निवासी भगवानपुर को करीब एक साल बाद गिरफ्तार कर लिया था। इस सामूहिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी वजीरा पुत्र हनीफ निवासी धनकरगढ़ जिला सहारनपुर आज तक पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
पुलिस ने उसकी तलाश में कई बार अभियान चलाए और कई टीमें भी गठित की थी, बावजूद वह हाथ नहीं आया। पुलिस ने उस समय उस पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
इन दिनों एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के निर्देश पर इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर पुरानी फाइलें टटोली गई, लेकिन इस बार भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस के लंबे हाथ इस बार भी वजीरा के आगे छोटे पड़ गए।