हरिद्वार। पैसेंजर ट्रेन के कोच में आगजनी करने के मामले संबंधी दस्तावेज एनआईए ने अपने कब्जे में ले लिए है। दस्तावेज लेकर एनआईए की टीम वापस दिल्ली लौट गई। अब जल्द ही फिर से एनआईए के हरिद्वार पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
आतंकवादी घटनाओं की जांच एनआईए ही संभालती है। रुड़की में पिछले वर्ष छह दिसंबर को हुए विस्फोट की जांच भी एनआईए ही कर रही है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या नौ पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन के कोच में भी आग लगा देने की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सुभाष रामचंद्र को उड़ीसा की पुरी पुलिस ने पकड़ा है। ये घटना भी आतंकी घटना की तर्ज भी अंजाम दी गई। इस मामले की जांच भी अब एनआईए ही करेगी। हालांकि स्थानीय पुलिस भी पुरी पहुंचकर आरोपी से पूछताछ कर वापस लौट चुकी है और अब उसे वारंट बी पर लाने की तैयारी चल रही है। स्थानीय कोर्ट ने 23 दिसंबर को आरोपी को कोर्ट में तलब किया है और पुरी पुलिस ही उसे यहां लेकर पहुंचेगी। इधर, दिल्ली से एनआईए के डिप्टी एसपी रणवीर सिंह त्यागी की अगुवाई में पहुंची टीम ने जीआरपी से मामले से संबंधित दस्तावेज कब्जे में ले लिए है। एसओ जीआरपी दिनेश कुमार से भी एनआईए की टीम ने अब तक की गई पड़ताल की जानकारी ली। अब एनआईए के फिर से जल्द यहां पहुंचने की उम्मीद है।