दिल्ली से एक परिवार कुत्ता मर जाने के चार दिन बाद कर्मकांड कराने हरकी पैड़ी पहुंचा तो पुरोहित ने कुत्ते की फोटो पर तिलक लगाने से साफ मना कर दिया। इससे परिवार के लोग भड़क गए। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष नगर कोतवाली पहुंचे जहां पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत किया।
बुधवार सुबह दस बजे हरकी पैड़ी पर दिल्ली का एक परिवार पहुंचा। उन्होंने एक पुरोहित से अपने बच्चे की चार दिन पहले मौत होने की बात कहते हुए कर्मकांड करने को कहा। पूजा शुरू होने पर परिवार के मुखिया ने बैग से कुत्ते की फोटो निकाली और उस पर तिलक लगाने को कहा। लेकिन पुरोहित ने इसे कुत्ता कहते हुए इनकार कर दिया।
कुत्ता बोलने पर पूरा परिवार भड़क गया और गीता का सार सुनाते हुए सभी प्राणियों को एक समान बताया। गुस्साए परिवार ने पुरोहित से माफी मांगने को कहा। बहस होती देख अन्य पुरोहित भी पहुंच गए। इससे दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई।
मौके पर पहुंची हरकी पैड़ी चौकी पुलिस ने मामला शांत कराने का प्रयास किया लेकिन मामला भावनाओं से जुड़ा होने पर सभी को नगर कोतवाली भेज दिया। कोतवाली एसएसआई विद्या भूषण नेगी ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया है।
चार दिन से नहीं खाया खाना
दिल्ली से आए लोगों ने बताया कि उनके बच्चे की मौत चार दिन पहले हुई थी। पूरा परिवार उससे बहुत प्यार करता था। चार दिन से परिवार के किसी भी सदस्य ने पेटभर भोजन नहीं किया है। वह उसकी आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड करवाने हरिद्वार आए थे। जहां पुरोहित ने कर्मकांड कराने से इनकार कर दिया है।