अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद। बहुउद्देश्यीय किसान सेवा सहकारी समिति के चुनाव के दौरान सोमवार को भारी हंगामा और मारपीट हो गई। एक पक्ष के लोगों ने चुनाव अधिकारी पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग करते हुए नामांकन पत्र फाड़ डाले। चुनाव अधिकारी और सहकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। हंगामे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। चुनाव अधिकारी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सोमवार को जिले में साधन सहकारी समितियों के सभापति और उपसभापति के लिए चुनाव हुआ था। बहादराबाद सहकारी समिति के सभापति, उपभापति और प्रतिनिधियों के लिए नामांकन की प्रक्रिया स़ुबह तय समय पर शुरू हुई। सुबह करीब दस बजे चुनाव अधिकारी के कार्यालय में 10 -15 युवक घुसे। उन्होंने कार्यालय में बैठे अधिकारियों से नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने शुरू कर दिए। इस दौरान वे चुनाव अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगा रहे थे। आरोप है कि चुनाव अधिकारी व अन्य कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस दौरान चुनाव में लगे कर्मचारी नामांकन पत्रों की फाइल बचाने लगे, लेकिन युवकों ने जबरदस्ती उनसे फाइलें छीन कर फाड़ दी। चुनाव अधिकारी अमित सैनी ने शोर मचाते हुए पुलिस कर्मियों को बुलवाया। पुलिस के आते ही हंगामा कर रहे युवक वहां से भाग खड़े हुए। चुनाव अधिकारी ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी फोन पर उच्चाधिकारियों को दी। जिस पर खंड विकास अधिकारी सत्येंद्र धमांदा ने मौका मुआयना किया। चुनाव अधिकारी अमित सैनी से इस बारे में बहादराबाद थाने में तहरीर दी है। इस दौरान चुनाव अधिकारी ने फटे हुए सभी दस्तावेज सीज कर पुलिस को दिए। घटना की जानकारी मिलने पर भारी पुलिस पर मौके पर पहुंच गई। इस दौरान सीओ सदर मनोज कात्याल, थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने आरोपियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। समिति के एमडी सतीश कुमार को कैमरे की फुटेज की सीडी बनाकर थाने में जमा करने को कहा है। वहीं दूसरी ओर पूर्व चेयरमैन नीरज चौहान ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के इशारे पर कराया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास बहुमत नहीं था, इसलिए सत्ताधारी लोगों ने जानबूझकर चुनाव में यह हरकत की है। वहीं बसपा नेता जयंत चौहान ने कहा इस पूरी घटना के पीछे भाजपा के क्षेत्रीय विधायक के लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया। वहीं चुनाव अधिकारी अमित सैनी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव स्थगित करने की सूचना भेज दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक रावत ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब करते हुए नए कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने की बात कही है। हंगामे के बाद राजनीति शुरू हो गई। बताया गया कि हंगामा करने वाले एक राजनीतिक दल के सदस्य हैं। सत्ताधारी दल के कुछ नेता भी इस विवाद का निस्तारण कराने में जुटे रहे।