कुणाल दरगन
हरिद्वार। वीरेंद्र हत्याकांड से लेकर जितेंद्र हत्याकांड की कहानी बॉलीवुड की किसी सस्पेंस फिल्म जैसी ही है। दरअसल, जिस जितेंद्र को संभावित कातिल समझकर तलाश की जा रही थी, उसका भी उसी दिन कत्ल हो चुका था। पर, पुलिस की तफ्तीश उसके ही इर्द- गिर्द घूम रही थी।
देहरादून के युवक वीरेंद्र के कत्ल की तफ्तीश कर रही ज्वालापुर पुलिस को उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से भले ही सोनू का मोबाइल फोन नंबर मिल गया था, लेकिन बेहद शातिर सोनू ने यह कहकर पुलिस को गच्चा दे दिया कि, वीरेंद्र की कॉल जरूर आई थी पर, वह मुलाकात के लिए नहीं आया था। पुलिस के हर सवाल का सधे हुए अंदाज में जवाब देकर सोनू साफ- साफ बच निकला था। ऐसे में पुलिस के शक की सुई जितेंद्र की तरफ घूम गई। सहारनपुर में उसके घर पर भी दस्तक दी। परिजन भी बेटे से संपर्क न होने परेशान थे। तफ्तीश में नया मोड़ तब आया जब देहरादून की एक महिला ने जितेंद्र को देहरादून में देखने की जानकारी दी। फिर ढूंढ शुरू हुई, लेकिन जितेंद्र नहीं मिला। फिर से वीरेंद्र के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगाली गई, तब नोएडा के राहुल का नाम सामने आया।
पुलिस के उस तक पहुंचने पर सामने आया कि सोनू का उसकी पत्नी से प्रेम प्रसंग रहा है। वीरेंद्र और जितेंद्र ने उसकी पत्नी को उसके पास वापस भेजने में मुख्य भूमिका अदा की। बस यहां से ही पुलिस को लीड मिलती चली गई। राहुल ने सोनू के खासमखास विक्की उर्फ अभिनव का जिक्र किया। पुलिस ने जब विक्की पर सख्ती की तो वह टूट गया और हकीकत बयां कर दी। कुछ इस तरह ही एक नहीं बल्कि दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठ सका।
जिस्मफरोशी के धंधे से जुड़े सब
हरिद्वार। एसपी सिटी की मानें तो सोनू, राहुल, वीरेंद्र और जितेंद्र जिस्मफरोशी के धंधे से जुड़े थे। मूल रूप से लक्सर के गांव डोरियो के रहने वाले सोनू का रामपुर मनिहारन सहारनपुर में आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। एसपी सिटी ने बताया कि जिस्मफरोशी के धंधे से जुड़े इन युवकों की अच्छी दोस्ती थी। सोनू का प्रेम प्रसंग राहुल की पत्नी से हुआ तो वह यहीं रहने चली आई। पहले से ही दो शादियां कर चुके सोनू ने चंद्राचार्य चौक क्षेत्र में प्रेमिका के के लिए फ्लैट भी किराये पर ले लिया था। पत्नी के चले जाने से राहुल और सोनू की बातचीत बंद हो गई थी। इसलिए बीच की कड़ी बने वीरेंद्र और जितेंद्र ने महिला को उसके पति के पास वापस भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन प्रेम में पागल सोनू ने उसका बदला उनकी हत्या करके लिया।
एस्कोर्ट सेवा के नाम से चल रहा था धंधा
जिस्मफरोशी के धंधे के यह संचालक भले ही कम पढ़े लिखे है लेकिन वे इंटरनेट के माध्यम से भी जिस्मफरोशी के धंधे का संचालन कर रहे थे। इन्होंने इंटरनेट पर अपने अपने नाम के टाइटल से एस्कोर्ट सर्विस बनाई हुई है। सोनू, राहुल, वीरेंद्र और जितेंद्र बेहतर ढंग से इस धंधे की कमान संभाल रहे थे। मूल रूप से नोएडा के रहने वाले राहुल का ठिकाना भी लंबे समय तक देहरादून रहा है। उसकी मुलाकात वहीं एक युवती से हुई थी। फिर उसी से ही उसने कोर्ट मैरिज कर ली थी। बकौल पुलिस कि, ये सब एक- दूसरे के संपर्क में रहते थे और कॉल गर्ल एक- दूसरे के पास जिस्मफरोशी के लिए भेजते थे। हरिद्वार, देहरादून इनके गढ़ है। इनके संपर्क में कई प्रदेशों की युवतियां है।
युवती को गवाह बनाने की तैयारी
दोहरे हत्याकांड के केस की मजबूत पैरवी के लिए ज्वालापुर पुलिस अब प्रेमिका को भी हरिद्वार लाने की तैयारी कर रही है, उसका गवाह बनाया जाना तय है। उसकी गवाही से दोहरे हत्याकांड के खुलासे की कहानी तभी मेल खाएगी, इसलिए उसे गवाह बनाना जरूरी है। फिलहाल महिला अपने पति के साथ भी नहीं रह रही है। उसने गुडगांव हरियाणा को नया ठिकाना बनाया है। वह मूल रूप से आसाम की रहने वाली बताई जा रही है।
कई सफेदपोश भी आए सामने
मृतक वीरेंद्र, जितेंद्र और सोनू के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल खंगालने पर कई सफेदपोश चेहरे भी सामने आए। तहकीकात में जुटी पुलिस जब उन तक पहुंची तब उन्होंने अनभिज्ञता जताई। लेकिन जब सीडीआर में बातचीत का ब्यौरा पुलिस ने सामने रखा तब सफेदपोश हिल गए।