बहादराबाद (हरिद्वार)। सिडकुल से सटी इंद्रलोक आवासीय कालोनी निवासी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से रिटायर्ड जवान सुनील शर्मा (47) की स्पोर्ट्स शूज के फीते से गला घोंट कर हत्या कर दी गई। सुनील का शव कालोनी से कुछ दूरी पर सामुदायिक केंद्र के एक कमरे में मिला। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को साढ़े तीन बजे सुनील शर्मा पुत्र गोविंद शर्मा अपनी स्कूटी से घर से निकले थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने सुनील के मोबाइल फोन पर संपर्क साधा तो फोन स्विच ऑफ मिला। देर रात सुनील के भाई मुकेश शर्मा और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आस पास के लोगों ने बताया कि उन्हें सामुदायिक केंद्र की तरफ जाते देखा गया था। परिजन को सामुदायिक केंद्र के निकट निर्माणाधीन मंदिर के पास उनकी स्कूटी खड़ी मिली। सामुदायिक केंद्र के अंदर जाकर तलाश करने पर एक कमरे में सुनील का शव मिला। सुनील के गले में स्पोर्ट्स शूज का फीता कसा हुआ था। फीते से गला कटने से मौके पर काफी खून बहा मिला। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहरा, एसओ देवराज शर्मा मौके पर पहुंच गए। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि सुनील शर्मा की स्पोर्ट्स शूज के फीते से गला घोटकर हत्या की गई है। गले पर फीता बुरी तरह से कसा हुआ था। नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि सुनील के भाई मुकेश की तहरीर पर अज्ञात कातिलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। सुनील केेे परिवार में पत्नी के साथ ही दो बच्चे हैं। सुनील शर्मा राष्ट्रीय हिंदू मंच के जिला उप प्रचार सचिव थे। सुनील शर्मा मूलरूप से जम्मू कश्मीर के रहने वाले थे और कई साल पहले यहां आकर रहने लगे थे।
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कालोनी की सुरक्षा के लिए रहते थे सतर्क
विनय चौहान
बहादराबाद। सुनील शर्मा अपनी कालोनी की सुरक्षा को लेकर बेहद चौकस रहते थे। कालोनी के लोगों का कहना है कि वह कालोनी के अंदर घूमने वाले आवारा किस्म के लड़कों को अक्सर टोकते थे। सुनील शर्मा ने अपने निजी खर्चे पर पुलिस पिकेट का भी निर्माण कराया था। कालोनीवासी विहिप नेता प्रेम चंद सैनी ने बताया कि सुनील शर्मा मिलनसार स्वभाव के थे और कालोनी की व्यवस्थाओं को लेकर एचआरडीए से भी पत्राचार करते रहते थे। बताया जाता है कि जिस सामुदायिक केंद्र में सुनील की हत्या हुई है, उससे सटे निर्माणाधीन मंदिर के मुख्य कर्ताधर्ता भी वहीं थे। मिलनसार होने के साथ साथ वह धार्मिक प्रवृति के व्यक्ति थे।
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भाई बोला हत्याकांड में कई लोग शामिल
बहादराबाद । सुनील शर्मा के भाई मुकेश शर्मा की मानें तो उनके भाई की हत्या करना एक व्यक्ति के बूते की बात नहीं है। हत्याकांड को अंजाम देने में तीन या उससे ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। उनका कहना था कि सुनील सैन्य पृष्ठभूमि के थे और उनको एक आदमी काबू नहीं कर सकता था। उन्हाेंने बताया कि सामुदायिक केंद्र के रजिस्टर के दो पन्ने भी फटे हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कातिलों ने ही पन्ने फाड़े हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके भाई को सामुदायिक केंद्र की बुकिंग के बहाने बुलाया होगा।
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मोबाइल फोन पर टिकी निगाहें
हरिद्वार। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस का पूरा फोकस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकार्ड पर है। सीडीआर से यह बात भी साफ होगी कि वह किस-किस के संपर्क में थे। पुलिस कालोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रहे है। सुनील का मोबाइल फोन भी गायब है।