अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। सिडकुल के प्रियांशु अपहरण कांड में पुलिस के हाथ खाली हैं। चौबीस घंटे से चली मशक्कत के बाद पुलिस अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। इधर, पेशे से दिहाड़ी मजदूर होने से दंपति की मदद के लिए कोई स्वयंसेवी संस्था, राजनीतिक संगठन आगे नहीं आए हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि मासूम की तलाश में गठित टीम शहर में सक्रिय है।
दो दिन पहले क्षेत्र के मंत्रा सिटी के पास झुग्गी झोपड़ी में रह रहे सोमदत्त का दो वर्षीय बेटा प्रियांशु खेलते- खेलते झोपड़ी के बाहर चला गया था। काफी देर तक जब बच्चा वापस नहीं आया तो परिजन बाहर निकले। पाया कि झोपड़ी के बाहर बच्चा नहीं था। दंपति ने पुलिस को इस बारे में सूचना दी थी।
पुलिस का दावा है कि पूरे क्षेत्र में मासूम के संबंध में जानकारी जुटाई गई, लेकिन कहीं भी उसके संबंध में जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस की मानें तो झोपड़ी से चंद कदम की दूरी पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, लेकिन चेक करने पर पाया कि वह खराब है।
कार्यवाहक एसओ बीएस चौहान ने बताया कि मासूम की तलाश कर रहे हैं। इधर, बेटे के वियोग में दंपति का रो- रो कर बुरा हाल है।