अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। यहां रेलवे स्टेशन पर जनता एक्सप्रेस में सवार यूपी के अमेठी निवासी बुजुर्ग महिला के गले से चेन छीनकर भाग रहे चेन स्नेचर की लोगों ने धुनाई कर जीआरपी को सौंप दिया। हैरानी की बात यह रही कि चेन बरामद नहीं हो पाई। पीड़ित पक्ष ने जीआरपी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं जीआरपी के निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने आरोप निराधार बताएद्घ
यूपी के अमेठी के गांव तिवारीपुर के रहने वाले दिनेश चंद्र एवं उनकी पत्नी अरुणा तिवारी मंगलवार देर रात जनता एक्सप्रेस में सवार हुए थे।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ट्रेन के चलने पर कोच में सवार एक युवक ने बुजुर्ग अरुणा के गले पर झपट्टा मारकर चेन छीन ली। शोर- शराबा होने पर एकत्रित लोगों ने चेन स्नेचर को पकड़कर उसकी धुनाई कर जीआरपी को सौंप दिया। पीड़ित पक्ष की मानें तो चेन स्नेचर ने चेन निगल ली थी, ये नजारा सबने देखा है। बुजुर्ग दिनेश चंद्र का आरोप है कि जीआरपी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी चेन हड़प ली है। इधर, जीआरपी के निरीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी बबली कुमार निवासी गांव मतगढ़ थाना झिझांना मुजफ्फरनगर के कब्जे से चेन बरामद नहीं हुई। चेन स्नेचर के पकड़े जाने के दौरान संभवत भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति के हाथ लग गई होगी। जीआरपी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार है।