अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। सूदखोरों के चंगुल में फंसकर ही निजी शिक्षण संस्थान के स्वामी विशाल त्यागी ने खुदकुशी की थी। सुसाइड नोट की जांच के बाद ज्वालापुर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
क्षेत्र की दयानंद नगर के निवासी विशाल त्यागी (40) ने गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव 23 जून को पथरी पावर हाउस के पास गंगनहर से मिला था। पुलिस के अनुसार विशाल ने घर पर एक सुसाइड नोट छोड़ा था। उसमें उसने सूदखोरों के चंगुल में फंसने की दास्तान लिखी है। आरोप है कि उसने सरदार गजेंद्र ओबराय से चार लाख रुपये दो साल पहले तीन प्रतिशत ब्याज की दर से ली थी। ब्याज की रकम अदा करने के लिए मनीष नाम के व्यक्ति से पांच प्रतिशत की दर से तीन लाख की रकम ली थी। आरोप है कि मृदुल नाम के व्यक्ति को 65 हजार की रकम दी थी लेकिन उसने ब्याज की रकम अदा नहीं की थी।
लिखा है कि अब उससे सहन नहीं हो रहा है, इसलिए वह खुदकुशी कर रहा है। भाई के नाम संबोधित सुसाइड नोट में विशाल ने लिखा है कि उसकी पत्नी को कुछ पता नहीं है। इसलिए उसे ताना न मारा जाए और उसकी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी जाए। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मनीष की नरूला कन्फैक्शनर्स के नाम से दुकान है। बताया कि सुसाइड नोट में जिन तीन लोगों का उल्लेख है, उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में विशाल के भाई वासुमित्र त्यागी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।