हरिद्वार। साधन सहकारी समिति के ग्रामीण बचत केंद्र (गांव गढ़) में किसानों के दो करोड़ 88 लाख की रकम गबन करने का मामला सामने आया है। केंद्र के ही प्रभारी और सचिव ने घोटाले को अंजाम दिया है। प्रारंभिक जांच के दौरान ही निलंबित कर दिए गए सचिव और प्रभारी के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा कसते हुए रानीपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिलाधिकारी दीपक रावत के आदेश पर हुई जांच के बाद यह घोटाला सामने आया।
जिले में साधन सहकारी समिति के 13 मुख्य केंद्र है। एक केंद्र बहादराबाद ब्लॉक के गांव खेलड़ी से संचालित होता है। खेलड़ी केंद्र से तीन उप केंद्र जुड़े हैं। एक केंद्र रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गढ़ में है। वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद किसानों ने केंद्र में काफी धन जमा कराया था। जब किसानों ने अपने खाते से रकम निकालनी चाही तो केंद्र के प्रभारी और सचिव टाल मटोल करते रहे।
किसानों ने जिलाधिकारी दीपक रावत के जनता दरबार में मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच हुई तो पता चला कि किसानों के खाते से रकम निकाल ली गई है। यह रकम दो करोड़, 88 लाख के आसपास है। प्रारंभिक जांच में घोटाला सामने आने पर उपकेंद्र के सचिव नरेश कुमार पुत्र मुखराम और प्रभारी नितिन कुमार पुत्र राकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। जांच कमेटी ने घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ब्लॉक बहादराबाद की सहायक विकास अधिकारी आरके सुमन ने निलंबित सचिव और प्रभारी के खिलाफ कोतवाली में गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया कि उपकेंद्र से करीब पांच हजार किसान जुड़े हुए हैं। जांच के दौरान सामने आएगा कि किस ग्रामीण के खाते से कितनी रकम निकाली गई है।