कुणाल दरगन
हरिद्वार। महिमा हत्याकांड में हत्या और दहेज हत्या के बीच झूल रही पुलिस ने अब ससुराल पक्ष का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी कर ली है। दिल्ली पुलिस की लैब से हरी झंडी मिलते ही महिमा हत्याकांड में नामजद ससुर, सास एवं ननद का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। पॉलीग्राफ टेस्ट से ये गुत्थी सुलझ जाएगी कि क्या हकीकत में महिमा को दहेज की खातिर परेशान किया जाता था। स्थानीय कोर्ट ने भी पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति दे दी है।
पिछले वर्ष अगस्त माह में दिल्ली के एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के दारोगा सचिन पुत्र कश्मीर सिंह निवासी इगराह सदर जिंद हरियाणा ने अपनी पत्नी महिमा उर्फ नीशू को केबिल पुल से गंगा में धक्का दे दिया था। पुलिस को गच्चा देने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के जवान ने पत्नी के गंगा में डूब जाने की कहानी गढ़ दी थी। देर रात हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस का माथा ठनका था, तब पूरे घटनाक्रम का परत दर परत खुलासा हुआ था।
खड़खड़ी के एक होटल में ठहरा जवान अपनी पत्नी को लेकर केबिल पुल पर पहुंचा था और फिर उसे धक्का दे दिया था। यही नहीं जवान की प्रेमिका एवं सीआईएसएफ में ही तैनात ऋतु पुत्री गोवर्धन निवासी गोगरीपुर मधुबन करनाल हरियाणा भी पास के ही दूसरे होटल में ठहरी थी और हत्याकांड के साजिश में शामिल थी। दरअसल प्रेम प्रसंग की खातिर जवान ने अपनी पत्नी की हत्या की थी और उसका प्लान फिर प्रेमिका से शादी करने का था। पुलिस ने आरोपी पति एवं प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया था।
मृतका के पिता भीष्म शर्मा पुत्र बलदेव निवासी अमर नगर भिवानी हरियाणा ने इस संबंध में दहेज हत्या का भी आरोप लगाते हुए अपने समधी कश्मीर सिंह, समधन सुमित्रा, उनकी बेटी पूजा को भी नामजद कराया था। पुलिस इस गुत्थी में उलझी है कि जब जवान ने यहां हत्या की है तब दहेज हत्या में ससुराल पक्ष की गिरफ्तारी कैसे हो। इस कशमकश से निकलने के लिए ही पुलिस अब ससुरालियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने जा रही है ताकि ये साफ हो जाए कि वह आखिर दहेज की खातिर उत्पीड़न करते भी थे या नहीं।
नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति ले ली गई है। जल्द ही दिल्ली पुलिस की लैब में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा।