हरिद्वार। बरेली (यूपी) के आढ़ती से लूटपाट नकली किन्नरों ने की थी। श्यामपुर पुलिस ने 36 घंटे में लूट की वारदात से पर्दा उठाते हुए बिजनौर से ताल्लुक रखने वाले तीन नकली किन्नर दबोचे हैं। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने के जेवरात, आढ़ती का पर्स, चाकू, नकली बाल, महिलाओं के कपड़े, श्रृंगार का सामान एवं अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
20 जून को आढ़ती कमल किशोर गुप्ता पुत्र फिरंगी लाल निवासी रठौरा हाफिजगंज बरेली यूपी हरिद्वार स्नान के लिए आ रहे थे। हाईवे पर बहारपीली ढाबे के पास वे लघुशंका के लिए रुके। इस दौरान उन्हें एक किन्नर मिला, जो आढ़ती को बहलाकर पास के ही जंगल में ले गया था। आरोप था कि किन्नर ने पुलिस को बुलाकर झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी देकर आढ़ती से दो सोने की अंगूठी, सोने की चेन एवं 18 हजार रुपये की नगदी अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट ली थी। हरिद्वार पहुंचकर आढ़ती ने पूरे घटनाक्रम से स्थानीय पुलिस को अवगत कराया था। एसओ दीपक कठैत की माने तो शुक्रवार की देर रात उन्हें लाहडपुर पुल के पास किन्नरों के मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने सूचना पर छापा मारकर किन्नर वेशभूषा में मिले तीन लोगों को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से आढ़ती के जेवरात, उसका पर्स, चाकू, महिलाओं के कपड़े, बाल, श्रृंगार का सामान, गजरा आदि सामान बरामद हुआ। थाने लाकर की गई पूछताछ में सामने आया तीनों नकली किन्नर बनकर हाईवे पर आमजन को रिझाकर उन्हें एकांत में ले जाते थे और फिर लूट की वारदात को अंजाम देते थे। एसओ ने बताया कि नकली किन्नरों के नाम दानिश पुत्र मतलूब निवासी काशीराम कालोनी ब्लॉक नंबर तीन, कोतवाली बिजनौर, शहनवाज पुत्र छुट्टन निवासी मोहल्ला खजियान चांदपुरी की चुंगी थाना कोतवाली शहर बिजनौर, अब्दुल बहाव उर्फ भूरा पुत्र अख्तर निवासी काशीराम कालोनी कोतवाली बिजनौर यूपी है।
असली किन्नर ने की पुलिस की राह आसान
अनसुलझी सी दिखाई दे रही इस वारदात के खुलासे में एक असली किन्नर ने अहम भूमिका अदा की। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इसका खुलासा भी कर दिया था। दरअसल, बिजनौर से ही ताल्लुक रखने वाले एक असली किन्नर से जब स्थानीय पुलिस ने संपर्क साधा तो पता चला कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाला नकली किन्नरों का गैंग हाईवे पर सक्रिय रहता है। बस फिर पुलिस ने परत दर परत वारदात का खुलासा कर दिया।
कई राज्यों में सक्रिय यह गैंग
नकली किन्नरों का यह गैंग उत्तराखंड, वेस्ट यूपी एवं दिल्ली एनसीआर में सक्रिय है। यह नकली किन्नर रात में सज संवरकर हाईवे के किनारे या सुनसान स्थान पर सक्रिय हो जाते हैं। फिर वहां से गुजरने वाले आमजन को अपनी तरफ आकर्षित कर सुनसान स्थान पर ले जाते हैं और फिर लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। लोक लाज के डर से आमजन चुप्पी साधना ही ठीक समझते हैं, लिहाजा कोई शिकायत ही नहीं होती है। एसओ दीपक कठैत की मानें तो इस गैंग ने भी कई घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है, लेकिन कोई शिकायत किसी भी पीड़ित ने दर्ज नहीं कराई है।