फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिस दिन हरिद्वार आया, उसी दिन हुई थी वीरेंद्र की हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
हरिद्वार।
देहरादून के युवक वीरेंद्र गुसाईं हत्याकांड की जांच में पुलिस अभी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस के पास अभी तक कोई ऐसा क्लू नहीं मिला जिससे जांच को आगे बढ़ा सके। वीरेंद्र के दोस्त से पूछताछ के बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है।
विज्ञापन

क्षेत्र के नया गांव मार्ग पर नौ मई को झाड़ियों में एक युवक का खून से लथपथ शव मिला था। उसके सर पर चोट के गहरे घाव थे। 17 मई को युवक की पहचान वीरेंद्र गुसाईं (27) पुत्र उदय सिंह निवासी सदानंद विहार नत्थुवावाला रायपुर देहरादून के रूप में हुई थी। वीरेंद्र की मां लक्ष्मी देवी ने बताया था कि उसका बेटा तीन मई को घर से यह निकलकर निकला था कि वह 15 मई को लौटेगा। जब वह 15 मई को नहीं लौटा तो उसकी खोज की गई। मां ने बताया था बेटे ने खुद को एक ट्रेवल एजेंसी का कर्मचारी होना बताया था। यह भी जानकारी दी थी कि उनकी आखिरी बार बात सात मई को हुई थी और उसने बताया था कि वह ज्वालापुर में है। पुलिस ने युवक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल को खंगालने के बाद गांव जगजीतपुर कनखल के एक युवक को हिरासत में लिया था, लेकिन कोई अहम जानकारी नहीं मिल पाई। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि वीरेंद्र की हत्या उसी दिन हुई थी, जिस दिन वह यहां आया था। उससे पहले वह देहरादून में ही था। बताया कि कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। हर पहलू पर जांच चल रही है। इससे यह बात साफ है कि वीरेंद्र को ठिकाने लगाने के लिए उसके परिचित हरिद्वार लाए थे। यह परिचित कौन हैं इसकी जांच पुलिस को करनी होगी। पुलिस यदि इससे पहले की कॉल डिटेल निकाले तो आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें