फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...शादी से ऐनवक्त पहले दुल्हन की ना

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शादी से एक दिन पहले दुल्हन ने शादी से ना कह दी। दुल्हन की ना के बाद कोतवाली पहुंचे दोनों पक्षों के बीच खूब नोंकझोंक हुई। एक- दूसरे पर गंभीर आरोप भी लगाए गए। समाचार लिखे जाने तक किसी पक्ष ने एक- दूसरे के खिलाफ तहरीर नहीं दी थी। लक्सर के गांव फतवा के एक युवक की शादी रानीपुर क्षेत्र की युवती से तय हुई थी। कनखल क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत युवक की शादी 19 फरवरी को होने थी।
युवक पक्ष ने शादी की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन रविवार की शाम दुल्हन ने शादी के लिए न कह दी। दुल्हन पक्ष ने दूल्हे पक्ष को यह बात बताने पर वह सन्न रह गए। आनन फानन में युवक पक्ष के लोग दुल्हन पक्ष के घर पहुंच गए। हंगामा होने पर बात इतनी बढ़ी कि युवक पक्ष सीधे कोतवाली पहुंच गया। इधर, पीछे पीछे दुल्हन पक्ष भी कोतवाली पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे।
विज्ञापन

दुल्हन पक्ष ने दहेज की मांग करने का आरोप लगाया। वहीं दूल्हे पक्ष ने इसे खारिज करते हुए दुल्हन पक्ष ही कई गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका कहना था कि जब शादी करनी ही नहीं थी तो रजामंदी क्यों की गई थी।
देर रात पुलिस के समझाने पर दोनों पक्ष चले गए। सोमवार को बारात नहीं आई, न ही कोई पक्ष कोतवाली अपनी शिकायत लेकर पहुंचा। इधर, कोतवाली प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है, दोनों पक्ष के बीच बातचीत का दौर चल रहा है।
-----------------------------
सपेरा बस्ती से जुड़े वन्य जीव तस्करी के तार
हरिद्वार। बिज्जू एवं खरगोश की तस्करी करने वाले वन्य जीव तस्कर के तार चंडीघाट क्षेत्र की सपेरा बस्ती से जुड़े है। पुलिस ने प्रकाश में आए तस्करों की धरपकड़ को छापे मारे लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। इधर, जिंदा बिज्जू को वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में छोड़ दिया। तीन दिन पूर्व कनखल पुलिस ने श्रीयंत्र मंदिर के पास चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार युवकों को रोकना चाहा था। पुलिस टीम को देखकर भाग निकले युवक होली चौक के पास स्कूटी छोड़कर फरार हो गए थे।
विज्ञापन

स्कूटी पर मिले बैग से तीन बिज्जू एवं एक खरगोश बरामद हुआ था। दो बिज्जू और खरगोश की मौत हो चुकी थी जबकि एक जिंदा बिज्जू को वन विभाग को सौंपकर चिड़ियापुर मे रेस्क्यू सेंटर भेजा गया था। एसओ अनुज सिंह ने बताया कि स्कूटी के रजिस्ट्रेशन के आधार पर तस्करों की पहचान कर ली गई है, वह चंडीघाट के नीचे बनी सपेरा बस्ती के रहने वाले है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रहे है। कोर्ट के आदेश पर बिज्जू की हालत ठीक होने पर उसे जंगल में छोड़ दिया गया। बताया कि तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का पता चल सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें