ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
देवपुरा चौक क्षेत्र की पीडब्ल्यूडी कालोनी में पीडब्ल्यूडी रुड़की मंडल के अधिशासी अभियंता ने शराब के नशे में दो युवकों पर लाइसेंसी रिवाल्वर तानकर दूर तक दौड़ा लिया। भीड़ ने जैसे तैसे घेराबंदी कर ईई पर कर काबू पाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के बाद ईई का शराब पीकर उत्पात मचाने के आरोप में चालान कर दिया। वहीं पुलिस ने लाइसेंसी रिवाल्वर जब्त कर ली है और लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने की तैयारी कर रही है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सत्यवीर यादव का तबादला हाल ही में रुड़की मंडल में हुआ है। इससे पहले वह लक्सर में तैनात थे। रविवार सुबह अधिशासी अभियंता सत्यवीर यादव देवपुरा चौक क्षेत्र में स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में एक दुकान पर मौजूद थे। यहां वह किसी बात पर दुकानदार से उलझ रहे थे। इसी दौरान दुकान पर राज्य चिह्नित आंदोलनकारी समिति के महामंत्री केशव दत्त सेमवाल अपने परिचित राहुल नेगी के साथ पहुंचे। शराब के नशे में धुत अधिशासी अभियंता किसी बात पर उनके साथ उलझ रहे थे। उन्होंने ईई का विरोध किया तो वह अपना आपा खो बैठे और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर केशव दत्त एवं राहुल नेगी पर तानकर उन्हें दौड़ा लिया। इसी दौरान हंगामा होने पर भीड़ एकत्र हो गई। जैसे तैसे भीड़ ने ईई पर काबू पाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। आनन फानन में ईई को हरिद्वार कोतवाली लाया गया। शराब के नशे में दिखने पर ईई का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि ईई का शराब पीकर उत्पात मचाने के आरोप में चालान कर दिया गया है। उनके रिवाल्वर को जब्त करते हुए निरस्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। वहीं ईई के खिलाफ पीड़ित केशव दत्त ने भी तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर भी जांच कर रही है।
तबादला पार्टी में टल्ली हुए ईई साहब!
हरिद्वार। शराब के नशे में धुत होकर उत्पात मचा रहे ईई सत्यवीर सिंह ने अपना तबादला होने के बाद शनिवार देर शाम दावत का आयोजन किया था। चर्चा है कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में जमकर दावत उड़ाई गई थी। रात में भी एक दफा ईई ने हंगामा काटा था, लेकिन शनिवार की रात को हंगामा शांत हो गया था, लेकिन ईई ने रविवार सुबह फिर बखेड़ा कर दिया।
अफरा तफरी का रहा आलम
हरिद्वार। पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में रविवार सुबह एक बारगी अफरा तफरी पैदा हो गई थी, जब ईई सरेराह लाइसेंसी असलहा लहरा रहे थे। आरोप है कि कई राहगीरों को भी ईई ने आतंकित करने की कोशिश की थी और खुलेआम गाली गलौच भी कर रहे थे। ईई के हाथ में असलहा देखकर आमजन के कदम भी ठिठक गए थे। कई आमजन ने अपना रास्ता ही बदल लेना ठीक समझा था।