कोरोना महामारी ने इंसानों के साथ ही कुछ लोगों की इंसानियत को भी मार डाला है। कुछ लोग ऐसे कठिन वक्त में एक-दूसरे की मदद करने की बजाए अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। दवाओं से लेकर ऑक्सीजन के संकट के इस दौर में लोग मुंह मांगे पैसे तो वसूल ही रहे हैं, अब तो शवों को ले जाने के नाम पर भी कमाई शुरू कर दी है। हरिद्वार में कई शर्मनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। यहां अस्पतालों से कोविड पॉजीटिव शवों को श्मशान तक पहुंचाने के लिए कुछ एंबुलेंस चालक मुंह मांगे दाम वसूल रहे हैं।
जिला में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कुछ एंबुलेंस चालक भी मरीजों के परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाने लगे हैं। कोरोना संक्रमितों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 12 से 15 एंबुलेंस चलाई हुई हैं, जो मरीजों की संख्या के सामने कम पड़ रही हैं। मरीजों को घर से अस्पताल और एक अस्पताल से दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराने के लिए उनके तीमारदार प्राइवेट एंबुलेंस के लिए भी मुंह मांगे दाम देने को तैयार हैं। इसके बावजूद उन्हें प्राइवेट एंबुलेंस नहीं मिल पा रही हैं। तीमारदारों के अनुसार निजी एंबुलेंस के लिए भी वेटिंग चल रही है। कॉल करने पर तीन से चार घंटे इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। स्थिति यह है कि कुछ एंबुलेंस चालक कोविड शवों को अस्पताल से श्मशान ले जाने के लिए भी मनमाने दाम मांग रहे हैं। शुक्रवार को कुछ ऐसे शर्मनाक उदाहरण देखने को मिले, जिसमें दो से तीन किलोमीटर की दूर पर शव ले जाने के लिए भी कुछ एंबुलेंस चालकों ने पीड़ित परिवार से चार से पांच हजार वसूले। एंबुलेंस चालकों की मनमानी के आगे पीड़ित परिजन बेबस नजर आए।
केेस 1
रानीपुर मोड़ की रहने वाली बरखा को अपनी मां का शव कनखल श्मशान घाट में लाना था। मां का शव कोरोना पॉजीटिव होने के बाद उससे चार हजार रुपये की मांग की गई। जब बरखा ने तीन हजार रुपये देने की बात कहीं तो एंबुलेंस चालक ने स्पष्ट मना कर दिया।
केस 2
विवेकानंद एक्लेव में रहने वाले प्रेम प्रकाश शर्मा की बहन प्रीति ने बताया कि वह अपने भाई को लेकर चार दिन पूर्व एम्स में गई थी। एंबुलेंस चालक ने आने-जाने के दस हजार रुपये लिए थे। मजबूरी में उन्हें चालक को पैसे देने पड़े। बृहस्पतिवार को प्रेम प्रकाश की कोरोना से मौत हो गई।
ऐसी शिकायतें मिलने पर औचक छापा मारा जाएगा। खामियां पाए जाने पर एंबुलेंस को सीज करने के साथ ही आपदा प्रबंधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं अस्पतालों में बेड के अधिक चार्ज वसूलने की शिकायत आ रही है। यह भी गंभीर मामला है, इसमें भी अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम हरिद्वार