हरिद्वार। कई दिन से मेयर तथा भाजपाइयों का आक्रमण झेल रही मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस के पार्षदों तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्य नगर निगम से मिलकर खड़खड़ी स्थिति रामलीला भवन को भाजपा पार्षद द्वारा संचालित संस्था के कब्जे से एक हफ्ते में मुुक्त कराने का अल्टीमेटम दिया है।
कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे और एमएनए को रामलीला भवन खाली कराने के लिए बाध्य कराएंगे। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी मेयर व एमएनए ने रामलीला भवन को अवैध कब्जे से मुक्त नहीं कराया है। कांग्रेेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि बार-बार ध्यान दिलाने, धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद मुख्य नगर अधिकारी ने कार्रवाई नहीं कर अपनी भूमिका भी संदिग्ध बना दी है। पार्षद अमन गर्ग ने बताया रामलीला भवन के प्रांगण में धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है और भवन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने भवन को तुरंत कब्जे में लेने की मांग की।
गौरतलब है कि नगर निगम ने रामलीला भवन पर ताला लगाकर सील करने दावा किया था, परंतु मौके पर भवन खुला है। यह भवन पहले जिनके कब्जे में था अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुख्य नगर अधिकारी को अल्टीमेटम देने वालों में नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार, पार्षद अमन गर्ग, सीमा देवी, सचिन बेनीवाल, हारून अंसारी के अलावा कांग्रेस नेता गवाक्ष जोशी, शुभम मैंदोला, तानू वालिया, दीपक राजपूत, मनीष गुप्ता, नितिन तेश्वर, हिमांशु बहुगुणा, तरुण व्यास व अनुज ठेकेदार शामिल थे।