हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में लिंगानुपात वर्ष 2013-14 में 883 की तुलना में 2014-15 में बढ़कर 912 हो गया था, लेकिन अब फिर से घटने लगा है, जोकि दिसंबर 2015 में घटकर 874 हो गया। घटते लिंगानुपात को लेकर जिलाधिकारी ने लिंग परीक्षण रोकने के लिए दिशा निर्देश देते हुए संबंधित पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
शनिवार को गर्भधारण से पूर्व या प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण कानूनी अपराध के विषय को लेकर चिकित्सा विभाग की कार्यशाला सिडकुल स्थित होटल गार्डेनिया में हुई। अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी हरबंश सिंह चुघ ने कहा कि इस अभिशाप से हमें जल्द मुक्ति पानी होगी। कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों के मालिक व प्रबंधकों को इसके प्रति आगाह किया। जिलाधिकारी ने कहा कि लिंग पहचान करने वालों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई की जाए। ठोस सबूत एकत्र कर वाद दायर किया जाए। केस मजबूती से लड़ा जाए ताकि दोषी बच न सके। इस अवसर पर सीएमओ डा. सुषमा गुप्ता, एसीएमओ डा. आरती ढौंढियाल, डा. एचडी शाक्य, रेडियोलोजिस्ट डॉ. मनीष दत्त, डा एलडी पंत, शोध अधिकारी विनोद कुमार आदि उपस्थित थे।