अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अथिति गृह में बदहाल पड़े कमरे ।
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मेलाधिकारी और एचआरडीए उपाध्यक्ष दीपक रावत ने अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह में मिली खामियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति भवन तकनीकी जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट एचआरडीए उपाध्यक्ष को सौंपेगी। एचआरडीए उपाध्यक्ष कार्यदायी संस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम के 34.17 लाख के शेष भुगतान पर पहले ही रोक लगा दी थी।
हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने 2016 में मायापुर के पास नए अतिथि गृह का निर्माण कराया था। करीब तीन साल बाद अटल विहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह के नाम से भवन राज्य संपत्ति विभाग को सौंपा गया। जिसके बाद नए अतिथि गृह के दरवाजे खुले। लेकिन जब राज्य अतिथि गृह व्यवस्थापक जीपी बहुगुणा ने भवन का निरीक्षण किया तो कई खामियां सामने आई। भवन की वीवीआईपी कक्षों की छत टपक रही थी, फाल सीलिंग उखड़ गई थी। भवन के ब्रांडेड के दाम पर लोकल कंपनी एलईडी लगाए गए थे। सेंट्रेलाइज्ड एसी खराब होने के साथ फिल्टर भी नदारद पाए गए। फर्नीचर की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली। जनरेटर में ऑटोमैटिक पैनल नहीं लगा था। लिफ्ट भी ठीक से काम नहीं कर रही थी। वहीं प्रवेश और निकासी के रास्ते का पोर्च इतना ऊंचा था कि गाड़ियां बैक मार जाती थी।
व्यवस्थापक की रिपोर्ट पर एचआरडीए उपाध्यक्ष दीपक रावत का भवन बारीकी के साथ निरीक्षण किया। खामियों की पुष्टि होने के साथ एचआरडीए उपाध्यक्ष ने जीएमवीएन के शेष भुगतान पर रोक लगा दी। वहीं जीएमवीएन को पत्र भी लिखा। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई न होने पर अब एचआरडीए उपाध्यक्ष भवन कीा जांच के लिए समिति गठित कर दी है। जांच के दौरान पाई जाने वाली को लेकर जीएमवीएम को नोटिस जारी किया जाएगा।
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राज्य अतिथि गृह के भवन की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जीएमवीएन को नोटिस जारी किया जाएगा। अनुरक्षण कार्य न होने तक कार्यदायी संस्था को शेष भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।
दीपक रावत, उपाध्यक्ष, एचाआरडीए