शुक्रवार-शनिवार की रात को करीब पांच घंटे की बारिश से एक बाहर फिर कुंभनगरी हरिद्वार का अधिकांश इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस बार शहर की कोई भी सड़क, गली, मोहल्ला और पॉश इलाका नहीं बचा जहां पानी नहीं भरा हो। आधी रात में घरों के अंदर तक पानी भर गया। पानी में लोगों के बिस्तर और कीचन का सामान तैरने लगा। रात से लेकर शनिवार दोपहर लोग अपने घरों में घुसे पानी को बाहर निकालने और सामान को बचाने में जुटे रहे। बाजारों से तो पानी उतर गया, लेकिन कनखल, सप्तऋषि और ज्वालापुर के कुछ इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है।
शुक्रवार-शनिवार रात करीब एक बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में पानी भरने लगा। पानी भरने की आशंका को देखते हुए लोगों की भी नींद टूट गई थी। बारिश शुरू होने के ही दो घंटे के भीतर ही पानी सड़कों से होते हुए लोगों के घरों के अंदर पहुंच गया। भगत सिंह और चंद्राचार्य चौक के बीच पानी डिवाइडर के ऊपर से बह रहा था। इसके बाद पानी आसपास की कॉलोनियों में भर गया। यही हाल ज्वालापुर के बाजारों के साथ कॉलोनी में रहा। शनिवार सुबह को यहां के लोग ईद मनाने के बजाय घरों से पानी निकालने में लगे रहे। घरों में पानी भर जाने से साफ सफाई का काम आधे दिन तक चलता रहा। कनखल क्षेत्र के संदेशनगर, लाटोवाली, कुम्हारगढ़ा, गणेशपुरम, कनखल थाने के आसपास की कॉलोनियों में भी पानी भरने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। शहर के ऊपरी इलाके भूपतवाला और सप्तऋषि क्षेत्र में जगह जगह पानी भरने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। गायत्री विहार के साथ कई कॉलोनियों में घरों में पानी भर गया।
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बारिश ने ईद का उत्साह किया ठंडा
शनिवार को तड़के तक हुई बारिश से ईद मनाने वालों में उत्साह नहीं दिखा। घरोें में पानी भरने से लोगों के बेड, कपड़े आदि सामान पानी खराब हो गया। दिन चढ़ने के साथ जैसे तैसे कर पानी को निकाला तो इसके बाद लोग सामान को सूखाने और व्यवस्थित करने में जुटे रहे।
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सिल्ट भरने से नहीं खुले बाजार
रात को तेज बारिश के साथ शिवालिक की पहाड़ियों से बड़ी मात्रा में सिल्ट भी बहकर आई। ब्रह्मपुरी में लोगों के घरों के अंदर सिल्ट भर गई। रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे भी बड़ी मात्रा में सिल्ट भर गई। इस रास्ते की आवाजाही दोपहर तक भी बंद रही। सबसे बुरा हाल अपर रोड के मोती बाजार, विष्णुघाट, सब्जी मंडी, रामघाट, बड़ा बाजार, पुराना बाजार आदि क्षेत्र का रहा। यहां सड़कों पर कई फुट तक सिल्ट जमा हो गई। ऐसे में यहां की दुकानें और होटल बंद ही रहे। यहां के सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। त्योहार नजदीक होने के बाद भी बाजार नहीं खुलने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
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सड़क के बीचोंबीच धंसा ट्रक का पहिया
पुराना रानीपुर मोड़ के पास विशाल मेगावार्ट के सामने सड़क के बीचोंबीच ट्रक का पहिया सड़क में धंस गया। सड़क के बीचोंबीच ट्रक के फंस जाने से एक तरफ से आवागमन बंद हो गया।
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शिवालिकनगर, सिडकुल में रहा बुरा हाल
शिवालिकनगर और सिडकुल क्षेत्रों में बुरा हाल रहा। शिवालिकनगर में भी नालियों की सफाई न होने से जलभराव हो गया। सुभाषनगर में तो बुरी स्थिति रही। बारिश के असर से सिडकुल की ओर की आवाजाही भी ठप रही।
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दीवार गिरने से वाहनों को नुकसान
औद्योगिक क्षेत्र में पार्क की दीवार गिरने से नजदीक में खड़ी दो कार क्षतिग्रस्त हो गई। औद्योगिक इकाइयों में सिल्ट युक्त पानी भर गया। यहां के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सोशल मीडिया पर उड़ता रहा मजाक
हरिद्वार शहर की सड़कों और जलभराव लेकर हर बार सोशल मीडिया पर तरह तरह का मजाक उड़ता रहा है। इस बार भी लोगों ने जगह जगह पानी भरने की फोटो पोस्ट करके लिखा आओ हरिद्वार की सड़कों और घरों में पालें मछली। मालूूम हो कि इससे पहले सड़कों को लेकर एक जोक खूब चला था। ‘किसी ने पूछा खोदा कहां तो लोगों ने जवाब दिया हरिद्वार आओ यहां हर जगह खोदा है।’ इसी तरह से दूध लेकर बाइक पर सवार होकर शहर का एक चक्कर लगाने पर दही और लस्सी बनने का जोक भी खूब वायरल हुआ था।