हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रशासन पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और डीएम तथा एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग भी की है।
मंगलवार को मातृसदन में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि एक जून से लगातार श्यामपुर, बिशनपुर कुंडी, भोगपुर आदि सहित कई जगहों पर रात को खनन चल रहा है। इसकी सूचना डीएम और एसएसपी सहित आला अधिकारियों को फोन और पत्र के माध्यम से दी गई तो खनन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि सारे रिकार्ड एकत्रित कर लिए गए हैं। डीएम व एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई को न्यायालय की शरण में जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रशासन और खनन माफिया में सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भीमगोड़ा बैराज से आगे किसी भी प्रकार का पत्थर और बोल्डर नहीं आता है। कहा कि वर्ष 1996 में चंडीघाट पुल के नीचे खनन द्वारा किए गए गड्ढे आज तक नहीं भरे हैं। उन्होंने सवाल किया कि खनन नदी में उस स्थिति में किया जाता है, जब पत्थर नदी में बढ़ रहे हैं। कहा कि जब ऊपर से किसी भी प्रकार का पत्थर नहीं आ रहा है तो खनन क्यों किया जाता है।
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साईं ट्रस्ट पर लगे पैनल्टी
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती पर शिरड़ी साईं ट्रस्ट द्वारा किए गए मुकदमे पर स्वामी शिवानंद ने शंकराचार्य के साथ खड़े दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में ऐसा कहां लिखा है कि कोई किसी को भगवान नहीं मानेगा तो मुकदमा दर्ज होगा। कहा कि कई समुदाय के लोग हमारे देश में ही भगवान श्रीराम, कृष्ण व विष्णु को भगवान का अवतार नहीं मानते। कहा कि भारत वर्ष में बहुत से नास्तिक लोग भी हैं। इसलिए मुकदमे का कोई औचित्य नहीं बनता है। उन्होंने मुकदमा ट्रस्ट कराने वाले ट्रस्ट पर पैनल्टी लगाने की मांग की है।