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Haridwar News: जंगल सफारी के लिए हिल टॉप ट्रैक पर नहीं चढ़ पा रहे सारथी

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जंगल सफारी के लिए मशहूर चीला रेंज के हिल टॉप ट्रैक पर सारथी नहीं चढ़ पा रहे हैं। हिल टॉप ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से मुंडाल से सैलानी वापस लौटाए जा रहे हैं। इससे उन्हें राउंडअप की बजाय स्टेट जंगल सफारी कराई जा रही है।
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15 नवंबर को जंगल सफारी के लिए राजाजी के गेट खुल चुके हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज जंगल सफारी के लिए प्रसिद्ध है। इसमें जंगल सफारी करने के लिए आने वाले सैलानियों को हाथी, गुलदार, टाइगर आदि वन्य जीवों के दीदार होते हैं। ऐसे में यहां विदेशों से भी पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ उठाने आते हैं।
मानसून सीजन शुरू होने पर 15 जून को जंगल सफारी के गेट बंद दिए जाते हैं जो पांच माह बाद 15 नवंबर को खुलते हैं। सात माह जंगल सफारी करने का आनंद सैलानी उठाते हैं। इस बार भी राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से चीला गेट से 15 नवंबर से जंगल सफारी शुरू कर दी गई है।
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लेकिन इस वर्ष मानसून काल में देर तक चलने से जंगल सफारी के हिल टॉप ट्रैक की हालत बेहद खराब है। स्थिति यह है कि अब तक भी हिल टॉप ट्रैक ठीक नहीं हो सका है। इस वजह से जंगल सफारी करने के लिए आने वाले पर्यटकों को मुंडाल चौकी से ही वापस लाया जा रहा है जबकि उन्हें 36 किलोमीटर के राउंडअप ट्रैक में जंगल सफारी करानी होती है। हिल टॉप ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से जिप्सियों को ऊपर नहीं चढ़ाया जा सकता है। ऐसे में उन्हें वहीं से वापस किया जा रहा है। इससे करीब 34 किलोमीटर की जंगल सफारी सैलानियों की हो रही है। इस वजह से सैलानियों को आधी-अधूरी जंगल सफारी से संतोष करना पड़ रहा है।


हिल टॉप ट्रैक ज्यादा क्षतिग्रस्त है इसलिए उस पर जंगल सफारी के वाहनों को ले जाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। इसे ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए शासन से धन की मांग की भी गई है। जब ट्रैक को सही कर लिया जाएगा तो सैलानियों को जंगली सफारी करानी शुरू करा दी जाएगी। -चित्रांजलि नेगी, वार्डन, चीला
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