प्राचीन मां चामुंडा देवी उत्थान समिति की ओर से सोमवार को निकाली गई कलश यात्रा को वन विभाग ने रास्ते में ही रोक दिया। यात्रा रोके जाने के बाद श्रद्धालुओं ने मां चामुंडा देवी प्रवेश द्वार के पास ही पूजन किया।
सोनालकोठी मेरू पर्वत में मां चामुंडा देवी का प्राचीन मंदिर है। यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व में आता है। लिहाजा, वन विभाग ने 17 वर्षों से मंदिर तक कलश यात्रा पर रोक लगाई है। सोमवार को प्राचीन मां चामुंडा देवी उत्थान समिति पदाधिकारियों के नेतृत्व में हरकी पैड़ी से कलश यात्रा शुरू हुई। समिति सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि मेरू पर्वत तक कलश यात्रा निकालने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति नहीं दी गई लेकिन वन विभाग की टीम मंदिर के लिए जाने वाले जंगल शुरू होने से पहले प्रवेश द्वार पर तैनात हो गई।
कलश यात्रा हरकी पैड़ी से अपर रोड, पोस्ट आफिस, हनुमान मंदिर होकर मां चामुंडा देवी के प्रवेश द्वार पर पहुंची तो वन विभाग ने उसे रोक दिया। काफी देर तक समिति के लोग यात्रा मंदिर तक ले जाने की अनुमति मांगते रहे लेकिन वन विभाग ने उनको नहीं जाने दिया। आखिर में श्रद्धालुओं ने प्रवेशद्वार के पास ही पूजन किया। कलश यात्रा में समिति के सचिव सुनील शर्मा, बाबा नंद गिरी, रवि शर्मा, सुदेश चौहान, दिनेश शर्मा, तोताराम, हनुमंत शर्मा, दीपक जग्गू, संटी, राहुल, मानिक गिरी और प्रकाश समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे।