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Haridwar News: बदमाश की निशानदेही पर नहर से बाइक, झाड़ियों से स्कूटी बरामद

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हरियाणा के यमुनानगर से बुधवार की देर शाम गिरफ्तार किए गए डकैती में शामिल चौथे आरोपी की निशानदेही पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने रानीपुर झाल के पास नहर से बाइक को बरामद किया। पास में ही झाड़ियां के बीच से स्कूटी को भी मिली है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद स्कूटी और बाइक से भागे थे। रानीपुर झाल के पास बाइक को नहर में फेंककर और स्कूटी को झाड़ियां के बीच छोड़कर से कार से पांचों बदमाश फरार हुए थे।



रोशनाबाद पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि एक सितंबर की दोपहर श्री बालाजी ज्वेलर्स शोरूम में डकैती की घटना को अंजाम देकर पांच बदमाश स्कूटी और बाइक से फरार हो गए थे।
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रविवार की देर रात मुठभेड़ में आरोपी सतेंद्र पाल उर्फ लक्की मारा गया था। सोमवार की दोपहर दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। फरार दो आरोपियों की तलाश चल रही थी। बुधवार की देर शाम पुलिस के टीम ने हरियाणा के यमुनानगर से चौथे आरोपी अमनदीप सिंह निवासी ग्राम पिंडी थाना गुरु हरसहाई जिला फिरोजपुर पंजाब को गिरफ्तार कर लिया था।

डकैती में शामिल होने के लिए आरोपी को 50 हजार मिले थे। इसमें से 25 हजार का उसने मोबाइल खरीदा था। खर्चा करने के बाद साढ़े 13 हजार उस पर शेष बचे थे। यह सभी उससे बरामद हुआ है। पूछताछ में अमनदीप ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर स्कूटी और बाइक से वह सभी घटनास्थल से फरार हुए थे। रानीपुर झाल के पास नहर पटरी मार्ग पर स्कूटी को झाड़ियों के बीच छोड़ दिया था जबकि बाइक को गंगनहर में फेंक दिया था।



बाइक और स्कूटी पर घूमकर की थी रेकी



एसएसपी ने बताया कि आरोपी गैंग लीडर सुभाष, सतेंद्र पाल उर्फ लक्की, अमनदीप पिछले चार महीने से हरिद्वार में अलग-अलग ज्वेलर्स की दुकानों की रेकी कर डकैती की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। श्रीबालाजी ज्वेलर्स के शोरूम में डकैती को अंजाम देने से चार दिन पहले हरिद्वार आकर बाइक और स्कूटी पर घूमकर ही दुकान की बारीकी से लगातार रैकी की गई थी। साथ ही आरोपी जिस पर गार्ड न हो या फिर गार्ड बुजुर्ग हो, अगर गार्ड है तो उसके पास कोई हथियार तो नहीं है। ऐसी दुकानों को टारगेट करते थे। इसीलिए उन्होंने श्रीबालाजी ज्वेलर्स में घटना को अंजाम देने के लिए रविवार का दिन चुना था। इस दिन भीड़ भी कम रहती है।



फर्जी आईडी और गलत नंबर कराते थे दर्ज



एसएसपी ने बताया कि आरोपी घटना को अंजाम देने से पहले आने जाने वाले सभी रास्तों की बारीकी से रेकी करने के बाद होटल या धर्मशाला में रुकते थे। इसके लिए वह फर्जी आईडी का प्रयोग करने के साथ ही गलत नंबर दर्ज कराते थे। यही नहीं जिस स्थान पर डकैती को अंजाम देते हैं वहां कर्मचारियों का मोबाइल फोन छिनने के साथ फायरिंग कर दहशत फैलाते हैं। साथ ही भागते समय मिर्च का स्प्रे मार देते थे, जिससे उन्हें भगाने का समय मिल जाए। जल्द से कोई पीछा न कर सके। आरोपी सुभाष अपने गैंग के साथ मिलकर हरिद्वार के अलावा हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली में भी लूट, डकैती की घटना को अंजाम दे चुका है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में भी फाइनेंस कंपनी में लूट का प्रयास किया था। जहां सायरन बजाने की वजह से आरोपी सफल नहीं हो सके थे और कर्मचारियों का मोबाइल छीन कर फायरिंग कर भाग निकले थे।
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टोल से बचकर वैकल्पिक मार्गों का करते थे इस्तेमाल



एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि घटना के बाद अपनी गाड़ियों और रास्तों की ट्रैकिंग की पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए मुख्य मार्ग का इस्तेमाल नहीं किया। बल्कि वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल किया। देहात के कच्चे रास्तों से निकलते हुए फरार हुए, ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस कर पीछा न कर पाए।
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