हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर भेल सीएफएफपी के फाउंड्री गेट पर निफ्टू से संबद्ध पांच श्रमिक संगठनों और सैकड़ों भेल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने शहीद श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भेल प्रबंधन के खिलाफ अपनी विभिन्न मांगों को उठाया।
हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष रामयश सिंह ने कहा कि भेल में जून 2026 में मान्यता चुनाव को चार वर्ष पूरे हो जाएंगे, इसलिए प्रबंधन को अति शीघ्र चुनाव कराने चाहिए। उन्होंने केंद्रीकृत प्रोत्साहन योजना पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले अधिकतम 6000 रुपये की राशि को घटाकर 3200 रुपये कर दिया गया है। यूनियनों ने इस अधिकतम राशि को 8000 रुपये करने की मांग की है। रामयश सिंह ने वेक्स तथा कई अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रत्यक्ष प्रोत्साहन श्रेणी में रखने की भी मांग की, जिन्हें अभी अप्रत्यक्ष श्रेणी में रखा गया है।
हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन (निफ्टू) के महामंत्री विकास सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भेल ने 32400 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। उन्होंने कर्मचारियों के इस योगदान के लिए मई माह में संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाकर उत्पादकता भुगतान करने की मांग की।
कुमुद श्रीवास्तव ने अतिरिक्त कार्य घंटे के लिए क्षतिपूर्ति अवकाश की जगह अतिरिक्त कार्य घंटे का भुगतान करने की मांग की। सीएफएफपी श्रमिक संगठन के महामंत्री सचिन ने कोरोना काल में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को सेवानिवृत्ति तिथि तक आर्थिक लाभ देने की मांग की। कार्यवाहक अध्यक्ष सुभाष पुरोहित ने पिछले वेतन संशोधन में तय लैपटॉप वितरण को दोबारा करने की मांग की। उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते को आयकर स्लैब से बाहर रखने की भी मांग की।