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बैंकों में ताले, ग्राहक रहे परेशान

Tue, 28 Feb 2017 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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बैंकों की हड़ताल से जहां उपभोक्ता कैश निकासी और जमा करने के लिए उपभोक्ता भटकते रहे वहींबैंकों में कई सौ करोड़ों का लेनदेन, ट्रांजेक्शन, चेक क्लीयरेंस आदि का काम अटक गया। एटीएम भी बिना कैश के रहे।         

मंगलवार को बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बैंकों में ताले लटके रहे। कर्मचारी सीधे धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। बैंकों में तालाबंदी से लोग निराश होकर लौटते रहे। लीड बैंक मैनेजर केएस पॉल ने बताया कि जनपद में 250 करोड़ से अधिक का लेनदेन, बाहरी ट्रांजेक्शन, चेक क्लीयरेंस आदि का काम नहीं हो सका। बैंक बंद होने से रेलवे, रोडवेज, सरकारी अस्पतालों, नगर निगम, ऊर्जा निगम आदि विभागों की नगदी भी जमा नहीं हो सकी। रेलवे, रोडवेज ने कैश की निगरानी के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी है।       
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बैंक की हड़ताल से बाजार भी सूना       
बैंकों की हड़ताल का बाजार पर भी असर पड़ा। दुकानों पर पूरे दिन खरीदार नहीं पहुंच सके। शहर के मॉल, शॉपिंग कॉपलेक्स से लेकर मोबाइल दुकानों पर भी ग्राहक कम ही पहुंचे। मोबाइल दुकान संचालक अंकित अग्रवाल ने बताया कि पूरे दिन ग्राहक का इंतजार करते रहे, लेकिन ग्राहक ही नहीं पहुंचे।       
      
पीएनबी की शाखा में रुपये निकालने के लिए पहुंचा, लेकिन बैंक बंद मिला। उसके पास एटीएम भी नहीं है, अब कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है।       
दीपक कुमार, ब्रह्मपुरी।       
    
स्कूल में फीस जमा करने के लिए बैंक से रुपये निकालने के लिए पहुंचा था, बैंक का ताला बंद मिला। समय से फीस जमा न कर सकने से अब पैनाल्टी भरनी होगी।       
अरुण कुमार, शिवदासपुर।       
     
दिल्ली निवासी एक रिश्तेदार को रुपये भेजने थे, उन्हें बहुत ही जरूरत थी। जब बैंक पहुंचा तो देखा की बैंक पर ताला लगा हुआ है, तो इसके बाद हरिद्वार में रुपये जमा करने वाली मशीन की सहायता लेने को पहुंचा तो मशीन भी बंद मिली।       
प्रवीण कुमार, गढमीरपुर।        
    
अति आवश्यक कार्य के चलते देहरादून रुपये लेकर जाना था, लेकिन बैंकों में हड़ताल के चलते हुए रुपये नहीं मिल सके। अब बिना रुपयों के घर वापस जाना पड़ रहा है।       
विपिन, जसवावाला।       
  
नौकरी में आवेदन करने को ड्राफ्ट बनवाना था, जिसके लिए वो बैंक पहुंची, लेकिन यहां बैंकों पर ताला लटके मिले। इससे उसका ड्राफ्ट नहीं बन सका।       
रुबि, गढमीरपुर।      
...       
बैंकों का शटर बंद कर धरने पर गरजे बैंककर्मी       
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंककर्मियों की यूनियनों ने मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल करते हुए बैंकों के शटर गिराकर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में उनकी मांगे नहीं मानी गई तो बेमियादी हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।        
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मंगलवार को बैंक यूनियंस के पदाधिकारी कर्मचारी रानीपुर मोड पर ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने एकत्रित हुए।       
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशएन के संयुक्त सचिव धीरज बिष्ट ने कहा कि उनकी मंगों को लेकर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। बैंक कर्मियों की सुरक्षा और कैश सुरक्षा तक के लिए भी सरकार गंभीर नहीं है। उत्तरांचल बैंक इंप्लाईज यूनियन के जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने चेतावनी दी कि उनकी मांगे शीघ्र ही पूरी नहीं होने पर मार्च में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे। हड़ताल में एसबीआई, पीएनबी, ओरियंटल, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक समेत सरकारी बैंक के कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताल की अध्यक्षता एनबी कपूर ने और संचालन जिला सचिव राजकुमार सक्सेना ने किया। प्रदर्शन में रणजीत सिंह, बालकृष्ण, सत्या सिंह, गौरव, दिवेश गुप्ता, धीरज बिष्ट, राजीव लोचन, इंद्रर रावत, वीर रघुवंशी, राहुल, मनोज, हिमांशु, रिचा, रश्मी, सोनाली, नेहा, प्रशांत, उमेश, जेपी चावला, अमित कुमार, ऋचा खुराना, मोनिका, गौरव, स्मृति, तुषार, साधना, नितिषा, आयुष, दिनेश नाथ, महेंद्र प्रसाद, सौरभ अरोडा, आदित्य कुमार, एसजी जैन आदि शामिल हुए।       
      
यह है मांगें       
- नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अतिरिक्त भुगतान दिया जाए
- सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी व अवकाश नगदीकरण को आयकर से मुक्त किया जाए
- अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति अविलंब की जाए
- आगामी वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया की शुरूआत की जाए
- पेंशन योजना में सुधार, अनुुकंपा नियुक्ति योजना लागू की जाए
- सभी संवर्गों में समुचित भर्ती की जाए
- नोबंदी में किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति सरकार करे
- पांच दिवसीय बैंकिंग को शीघ्र प्रारंभ किया जाए
- ऋणों की वसूली के लिए कठोर कदम उठाए और बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
    
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