हरिद्वार। उत्तराखंड के चार धामों के लिए शरद काल में भी यात्रा चलाने की
घोषणा प्रति वर्ष की जाती है। इस बार भी यह घोषणा की गई है। लेकिन यात्रा
पर जाने के लिए हरिद्वार के मोटर व्यवसायियों और ट्रेवल एजेंटों के पास अभी
तक एक भी यात्री पूछताछ तक करने के लिए नहीं आया है। आने वाले महीनों में
भी व्यवसायियों को उम्मीद नहीं कि कोई यात्री या ग्रुप देव प्रतिमा स्थलों
तक हरिद्वार से जा पाएगा।
गौरतलब है कि बद्री, केदार, गंगोत्री,
यमुनोत्री के कपट बंद हो जाने पर देव प्रतिमाएं नीचे लाई जाती हैं। सरकार
उन स्थलों तक शरद काल में यात्रा चलाना चाहती है। इसका पहला प्रयास
तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने किया था। उस वर्ष भी शरद
कालीन यात्रा के लिए कोई बुकिंग हरिद्वार से नहीं हुई। बाद के सभी वर्षों
में यात्रा चलाने की घोषणा की जाती रही है। इसके बावजूद हरिद्वार का मोटर
व्यवसाय शरद कालीन यात्रा का लाभ नहीं उठा पाया। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के
संरक्षक गोपाल कृष्ण, सुरेश ठाकुर, हर भजन सिंह आदि का कहना है यात्रा के
प्रति हरिद्वार में कोई आकर्षण नहीं रहा है। अभी तक इस संबंध में कोई
यात्री पूछताछ तक के लिए नहीं आया है। गोपाल कृष्ण बताते हैं कि औली के लिए
प्रति वर्ष पूछताछ भी होती है और पर्यटक भी वाहन लेकर जाते हैं। लेकिन कोई
भी यात्री देव प्रतिमा विश्राम स्थलों की यात्रा के लिए अभी तक नहीं आया
है। यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित है।