हरिद्वार। सरकारी अस्पतालों में रैबीज के एंटी इंजेक्शनों की आवक शुरू हो गई है। तीन सप्ताह से अस्पतालों में एंटी रैबीज के इंजेक्शन का संकट चल रहा था। जिला अस्पताल के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालापुर में भी टीके पहुंचने से मरीजों को राहत मिल गई है।
सरकारी अस्पतालों में पर्चा बनाकर कुत्ते के काटने वाले लोगाों को निशुल्क एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है, लेकिन जिला अस्पताल, उप अस्पताल, संयुक्त अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग तीन सप्ताह से एंटी रैबीज के इंजेक्शन खत्म चल रहे थे। इससे मरीजों को अस्पतालों में जाने पर रैबीज के टीके नहीं लग पा रहे थे। टीका लगवाने के लिए आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों से बैरंग लौटना पड़ रहा था। पीड़ित बाजार से इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहे थे।
जिला अस्पताल के बाद बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालापुर में भी एंटी रैबीज के टीके पहुंच गए हैं। केंद्र के प्रभारी डा. हेमंत सिंह बुदियाल ने बताया कि टीके की डोज मिलने शुरू हो गई है। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए गए हैं।