जेसीएम तिथि घोषित न होने से आक्रोश
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। बीएचईएल में संयुक्त समिति बैठक (जेसीएम) की तिथि घोषित न होने पर एटक यूनियन ने आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की है। यूनियन 22 अक्तूबर को शाम चार बजे सीएफएफपी गेट पर विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान में उदासीनता के कारण यह निर्णय लिया गया है।
इससे पहले, 13 अक्तूबर से 17 अक्तूबर तक कर्मचारियों ने बैज लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया था। रविवार को लुम्बा-नागर मेमोरियल भवन स्थित यूनियन कार्यालय में एक बैठक हुई। इस बैठक में 22 अक्तूबर के प्रदर्शन का फैसला लिया गया। एटक यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है।
प्रबंधन को उनके समाधान के लिए ठोस पहल करनी चाहिए। यूनियन ने बताया कि बीएचईएल की उत्पादन उपलब्धियों और आर्थिक प्रगति में कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी को 1600 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। ऐसे में कर्मचारियों की मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। जेसीएम की बैठक बुलाकर बोनस और एसआईपी सहित सभी लंबित मुद्दों पर सार्थक वार्ता होनी चाहिए। बैठक में एटक अध्यक्ष नईम खान और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यूनियन की प्रमुख मांगें
यूनियन की प्रमुख मांगों में जेसीएम की बैठक की तिथि शीघ्र घोषित करना शामिल है। कम से कम 60,000 रुपये बोनस या एसआईपी का तुरंत भुगतान किया जाए। प्रोत्साहन योजना को शीघ्र संशोधित करने की मांग भी की गई है। अतिरिक्त समय का भुगतान पूर्व की भांति शुरू किया जाए।