दस मई को हरकी पैड़ी के पास महिला घाट पर करंट लगने से हुई तीन युवकों की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट में वहां डाली गई बिजली की लाइनों को लेकर कई खामियां उजागर हुई। नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपते हुए खामियों को दूर करने के सुझाव दिए थे। चार महीने बाद भी हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की लाइन डालने में बरती गई लापरवाही को दुरुस्त नहीं किया गया है।
नगर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस स्थान पर घटना घटित हुई है उस पुल से सुरक्षा चेन लटकी हुई हैं। घटना के तुरंत बाद निरीक्षण करने पर बिजली के एक से अधिक केबल कई स्थानों पर लोहे की सुरक्षा चेनों से लगे पाए गए। केबल चेनों के ऊपर नीचे दोनों ओर पाई गई हैं। एक केबल पर टेप नहीं लगी थी और एक का जोड़ खुला था, जिस पर उन्होंने तत्काल टेप लगवाई। कुछ बिजली के तार लोहे की चेन के नीचे पाए गई।
जांच में यह भी पाया गया कि पुल के साथ मालवीय द्वीप पर फूल-फरोशी की दुकान है जिसका ठेका रेश्मा चौधरी के नाम बताया गया जिसे राहुल दीक्षित नाम का व्यक्ति चला रहा है और यूपीसीएल की ओर उसे विद्युत कनेक्शन दिया गया है, जिसका तार भी चेन के पास से जा रहा था जहां दुर्घटना हुई थी। इसी स्थान पर सीसीटीवी के तार भी जाते हैं और अधिकांश तार नगर निगम के हैं। सिंचाई विभाग ने पुल की चेन, एमएस एंगल हुक आदि नहीं बदले हैं। नगर मजिस्ट्रेट ने व्यवस्था को ठीक करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं, लेकिन उन सुझावों पर चार महीने बाद भी कुछ हुआ नहीं है।