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I- यूनियन के नाम पर फुटपाथ पर कब्जा सड़क पर दुकान लगवाने का ठेका ले रहे अपराधी प्रवृत्ति के लोगI
धर्मनगरी के रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद यात्री अपनी सुविधा के अनुसार जाना चाहता है, लेकिन टैक्सी और टैंपो चालक यात्रियों को जबरन अपने-अपने वाहनों में बैठने के लिए मजबूर करते हैं। इसके चलते कईं बार यात्रियों और टैक्सी-टैंपों चालकों में विवाद हो जाता है। शुक्रवार को कुछ इसी तरह का मामला सामने आया। जिसमें टैक्सी चालकों ने यात्रियों पर जमकर लाठियां बरसाई। रेलवे और रोडवेज के बीच चले करीब आधे घंटे तक इस घटनाक्रम के बीच एक भी पुलिसकर्मी बचाव में नहीं आया। वहीं स्थानीय लोग घटना से पूरी तरह सहमे दिखे।
इस पूरे घटनाक्रम की एक वीडियो भी वायरल हो रही है। इसमें रेलवे स्टेशन से उतरने वाले यात्रियों को अपने वाहनों में लेकर जाने को लेकर विवाद हो गया। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार जाना चाह रहे थे, लेकिन वाहन चालक और उनसे जुड़े कुछ यूनियन के लोग उन पर भारी पड़ गए। पहले तो गाली-गलौज की और जब यात्री नहीं मानें और उनके जबरदस्ती का विरोध जताया तो वाहन चालक और उनके गिरोह के सदस्य लाठी डंडे लेकर उन पर टूट पड़े।
वायरल वीडियो में कई राहगीर भागने के चक्कर में गिरते दिखाई दे रहे हैं। यहां टैक्सी चालक और उनके गिरोह का इतना भय है कि स्थानीय कारोबारी भी डरते हैं। अधिकांश व्यापारियों का कहना है कि अगर उन्होंने कुछ कहा तो उनका व्यावसाय कर पाना मुश्किल हो जाएगा।
Iफिल्मी अंदाज में चलती है स्टेशन के बाहर दादागिरीI
रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन के बीच किसकी दुकान लगनी है, फुटपाथ पर किसका कब्जा होना है इसका निर्धारण वहां के कुछ गिरोह और उनसे जुड़े सदस्य करते हैं। हालत यह है कि नाले के ऊपर किसकी दुकान लगेगी। उसके आगे फुटपाथ पर किसी और किसे आधे रोड पर पसर कर गुब्बारा, बांसुरी और खिलौने बेचना है यह सभी तय करते हैं। सक्रिय गिरोह के लोग। रेलवे पुलिस की फोर्स केवल अपने चहारदीवारी तक सीमित रहती है। जबकि स्थानीय पुलिस का एक होमगार्ड भी इस परिसर के बीच नहीं दिखता है। कई बार तो रोडवेज की बस स्टेशन में प्रवेश और निकास के दौरान आधे-आधे घंटे तक फंसी रहती है, लेकिन सड़क पर कब्जा जमाए टैक्सी चालक अपनी मन मर्जी के मुताबिक रास्ता देते हैं।
Iविकास विभाग के अधिकारी के परिवार से हुई थी अभद्रताI
बीते दिनों विकास विभाग के एक अधिकारी के साथ इस तरह अभद्रता हुई कि वह मामले की शिकायत एसपी जीआरपी से लेकर एसपी सिटी तक किया। जबरदस्ती परिवार को अपने टैक्सी में बैठाने और नहीं बैठने पर गाली-गलौज करने वाले टैक्सी चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि बाद में कई समाजसेवी और अन्य लोगों के अनुरोध पर इस परिवार ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया। यही हाल सामान्य दिनों में भी हरिद्वार में देखने को मिलता है। यात्रियों के साथ टैक्सी चालकों की मारपीट की घटनाएं आम होती जा रही है।
Iठेकेदारी पुलिस उखाड़ेगी, नगर निगम ने तो नाला उखाड़ाI
देवपुरा से लेकर अपर रोड तक मकान, मकान के आगे दुकान और दुकान के आगे दुकान की परंपरा जीवंत रूप में मौजूद है। नगर निगम प्रशासन के हाथ में कमान आई तो हरिद्वार शहर मेें जल निकास की व्यवस्था दुरुस्त करने के उद्देश्य से नगर निगम ने अवैध जमाए कईं खोखे, दुकान और होटल तक हटाए। यही नहीं नगर निगम प्रशासन ने नाले पर अतिक्रमण हटाने के लिए उस पर लगे सीमेंट के प्लेट तक हटाकर जेसीबी से खोदवा दिया। बावजूद इसके कोई फर्क नहीं पड़ा आज भी रेलवे स्टेशन से लेकर देवपुरा चौक और शिवमूर्ति चौक तक अवैध दुकानों का कब्जा है। नाला खुलने के बाद से यह दुकानदार अब आधी सड़क तक पसरे पड़े हैं।