बाण गंगा व शिवनगर ग्राम पंचायत में बसे बाढ़ पीड़ित लोगों को 71 साल बाद भी भूमिधरी का अधिकार नहीं मिला है। इससे यहां के लोगों को सरकारी सुविधाओं को लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा लोगों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
वर्ष 1954 में सरकार ने मुजफ्फरनगर जिले के कई गांवों के बाढ़ पीड़ितों को पथरी क्षेत्र में जंगल काट कर बसाया था। बाण गंगा ग्राम पंचायत में धारीवाला, हरसीवाला, टिकोला व शिवनगर ग्राम पंचायत में फूलगढ़, शिवगढ़, दुर्गागढ़, गोविंदगढ़ गांव में बाढ़ पीड़ित लोग बसे हुए हैं। बाण गंगा की ग्राम प्रधान शिवानी चौहान व शिवनगर की ग्राम प्रधान बबली देवी का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक उन्हें भूमिधरी का अधिकार नहीं दिया गया है।
साधुराम चौहान, अमर सिंह, जगत सिंह, रोहिताश आदि लोगों का कहना है कि जब सरकार ने उन्हें पथरी में बसाया था तब सभी सरकारी सुविधाएं देने का वादा किया था लेकिन अभी तक उन्हें अधिकार तक नहीं मिला है। जिससे उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। भाजपा के पूर्व जिला मंत्री नेत्रपाल सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर अधिकार दिलाने की मांग की है। दूसरी ओर हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत का कहना है कि इस मामले को विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा।