हरिद्वार। शांतिकुंज के कार्यकर्ताओं के बच्चों के नवयुग दल का रजत जयंती समारोह शनिवार को शुरू हुआ। समारोह में शांतिकुंज के कारपोरेट जगत से लेकर देश-विदेश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में सेवारत छात्र भाग ले रहे हैं। समारोह का शुभारंभ डॉ. प्रणव पंड्या, वीरेश्वर उपाध्याय, केसरी कपिल, कालीचरण शर्मा आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि बाल अवस्था में दिये गये अच्छे संस्कार उन्हें आगे बढ़ाते हैं। यही संस्कार सक्रियता में बढ़ते हैं तो उनकी प्रतिभा बढ़ती जाती है जिसकी आज समाज को बेहद जरूरत है। बाल्यकाल में ही सेवा, सहयोग, सहकार एवं सहानुभूति के बीज बोने से वह आगे चलकर वटवृक्ष बनता है और अनेक को छाया देने में समर्थ होता है। नव युग दल के अभिभावक संरक्षक डॉ. पण्ड्या ने कहा कि ज्ञानार्जन के लिए नियमित रूप से कुछ समय जरूर निकालें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और शांतिकुंज के संस्थापक श्रीराम शर्मा आचार्य आदि महापुरुषों के बाल्यकाल के संस्मरण सुनाते हुए समझदारी, जिम्मेदारी व प्रामाणिकता को जीवन के अंग बनाने की बात कही। इस अवसर पर वीरेश्वर उपाध्याय, केसरी कपिल, कालीचरण शर्मा, शिवप्रसाद मिश्र सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों में सेवारत नवयुग दल के सदस्य उपस्थित थे।
गरीबों के लिए बनाए फंड
डॉ. पंड्या ने कहा कि जो नौकरी पेशा में लगे या कारोबार में जुटे हैं, वे मिलकर ऐसा फंड बनायें जिससे गरीब परिवार के विद्यार्थियों का सहयोग किया जा सके। अपने गरीब भाई-बहनों को पैसे की कमी के कारण बीच में अपनी पढ़ाई न छोड़नी पड़े।
शिक्षकों का किया सम्मान
नवयुग दल के सदस्यों की ओर से आद. डॉ. पण्ड्या ने स्व. श्री चंद्रभूषण मिश्र, श्री प्रताप शास्त्री, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री गेंदालाल चौरसिया, देसंविवि के कुलसचिव श्री संदीप कुमार, श्री सीताराम सिन्हा को चादर व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
समारोह के समन्वयक सुशील उपाध्याय व अजय सेन ने कहा कि इस दौरान नौ सत्र होंगे, जिसमें व्यावहारिक व सैद्धांतिक विषयों पर विषय विशेषज्ञ नवयुग दल को संबोधित करेंगे जबकि विदाई सत्र का मार्गदर्शन शैल दीदी करेंगी।