हरिद्वार। साजिश के तहत 11 बीघा जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है। ज्वालापुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, जोगेंद्र कुमार निवासी शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पिता जयपाल के नाम ग्राम शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला में करीब सात बीघा भूमि दर्ज थी। वर्ष 1992 में उनके पिता ने यह भूमि मुखत्यारा निवासी हथियातल कोतवाली मंगलौर को बेच दी थी। इसके बाद वर्ष 1994 में करीब 11 बीघा भूमि दोबारा मुखत्यारा से खरीद ली गई। इस बैनामे में मुखत्यारा का पुत्र रामकला गवाह था। उसके पिता की जून 2024 में मृत्यु के बाद भूमि उसके नाम विरासत में दर्ज हो गई थी।
आरोप है कि जनवरी 2026 में बैंक ऋण चुकाने के लिए फर्द निकलवाने पर उसे पता चला कि धारा, रामकला, महेंद्र और रामशरण ने पुराने बैनामे के आधार पर अपना नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा लिया। बाद में राकेश कुमार के नाम भी भूमि का बैनामा किए जाने की जानकारी मिली। आरोप लगाया कि इन सभी ने आपस में साजिश कर उसके हिस्से की करीब 11 बीघा जमीन बेच दी और राजस्व अभिलेखों में भी हेरफेर कराया। विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सीओ ज्वालापुर संजय चौहान ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।