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देशव्यापी हड़ताल का मिलाजुला असर

Fri, 02 Sep 2016 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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strike - फोटो : amarujala
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केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। शहर और आसपास में भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर अधिकांश बैंकों में ताले लटके रहे। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से करीब आठ सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बीमा कंपनियों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। इससे करीब 20 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, वहीं देश की बड़ी औद्योगिक इकाई भेल में हड़ताल का असर कम रहा। रेलवे, रोडवेज, बीएसएनएल, डाकघर आदि विभागों के कर्मचारी टूल डाउन हड़ताल में शामिल तो नहीं हुए लेकिन धरना-प्रदर्शन करके केंद्र की नीतियोें का विरोध किया।
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देश की ट्रेड यूनियनों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। श्रमिक संगठन हड़ताल को सफल बनाने के लिए करीब एक महीने से जुटे थे। श्रमिक संगठनों ने हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का दावा किया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हड़ताल का असर मिलाजुला रहा। भारतीय स्टेट बैंक में अन्य दिनों की तरह कामकाज हुआ। बाकी बैंकों में ताले लटके रहे। दूसरे बैंकों में कामकाज नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को जानकारी नहीं होने के कारण बैंकों से निराश होकर लौटना पड़ा। बैंक कर्मचारियों ने ओरियंटल बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। भारतीय जीवन बीमा निगम की दोनों इकाईयों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे जबकि अधिकारी काम पर थे। बीएसएनएल, रेलवे और रोडवेज,  डाकखाने के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण बैंक कर्मियों की मानें तो करीब आठ सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। जबकि बीमा कंपनियों को करीब 20 लाख रुपये के कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।

भेल में हड़ताल का असर ज्यादा दिखने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलिस और प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस बीएचईएल में था। सुबह से ही सीओ जेपी जुयाल के नेतृत्व में हीफ और सीएफएफपी गेट के बाहर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था। मेन गेट, सीएफएफपी, मैटीरियल गेट आदि स्थानों पर हड़ताल को समर्थन दे रही यूनियनों के प्रतिनिधि तैनात थे, लेकिन आज कहीं भी किसी ने ड्यूटी पर जाने से किसी को नहीं रोका। एहतियात के तौर पर पुलिस के साथ ही सीआईएसएफ के जवान भी भारी तादाद में तैनात थे। भेल में हड़ताल विरोध-प्रदर्शन तक ही सिमट गई। चुनाव में जीतकर मान्यता प्राप्त करने वाली प्रमुख यूनियनों में से कई के हड़ताल में शामिल नहीं होने का असर भी साफ नजर आया। भेल प्रबंधिका ने दावा किया है कि प्रतिदिन से भी ज्यादा कर्मचारी आज उपस्थित रहे, इसलिए हड़ताल को कोई असर नहीं दिखा। सीएफएफपी के गेट पर संयुक्त मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। नुक्कड़ नाटक के जरिये भी लोगों को जागरूक किया गया। धरना प्रदर्शन में से कुल 20 में से नौ यूनियनों ने भाग लिया जबकि 11 भेल प्रबंधिका के साथ खड़ी रही।
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