उत्तराखंड राज्य के अशासकीय विद्यालय एवं संस्कृत महाविद्यालय, विद्यालय के प्रबंधकों की संयुक्त बैठक निर्धन निकेतन आश्रम खड़खड़ी में हुई। इसमें विद्यालयों की समस्याओं पर मंथन किया गया।
प्रबंधकों की ओर से जबरन थोपी गई प्रशासन योजना का एक स्वर में विरोध किया गया। प्रशासन योजना के स्थान पर पूर्व के एक्ट के अनुसार विद्यालय संचालित करने की मांग गई। विद्यालयों में तत्काल सभी नियुक्तियों से प्रतिबंध हटाने की मांग की गई। समस्त विद्यालयों का प्रांतीयकरण करने की मांग की गई। समस्त नियुक्तियां आयोग की ओर से करने या फिर विद्यालय प्रबंधक स्वयं चलाएं। उन्हें कोई भी अनुदान नहीं देने और अध्यापकों का स्थानांतरण भी राजकीय शिक्षकों की भांति करने का कड़ा विरोध किया गया।
संस्कृत विद्यालय, महाविद्यालयों में कार्यरत 155 और 126 प्रबंधकीय शिक्षकों को नियमानुसार और योग्यता के आधार पर पदों के अनुरूप समायोजित करने की मांग की गई। इस मौके पर ऋषि रामकृष्ण महाराज, उदासीन अखाड़े से राघवेंद्र दास, निर्धन निकेतन से ऋषि रामकृष्ण, विमल नेगी, अशोक जोशी, विमल नेगी, डबराल, चंद्र भूषण शुक्ल आदि मौजूद रहे।