हरिद्वार। कांवड़ लेने पति के साथ हरिद्वार पहुंची मूक-बधिर महिला अपने दो साल की बच्ची के साथ पति से बिछड़ गई। पुलिस ने महिला और उसकी दो साल बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया और सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से परिजनों की तलाश शुरू की। तीन दिन की कोशिश के बाद महिला के परिजनों का पता चल गया। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि एक अगस्त को शंकराचार्य चौक पर एक महिला अपनी दो साल की बच्ची के साथ रोती हुई मिली थी। महिला न सुन सकती है और न बोल सकती है। वह लिखना-पढ़ना भी नहीं जानती थी। इशारों से उसने बताया कि वह अपने पति के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार आई थी। भीड़ में बिछड़ गई। उसे निवास स्थान की भी कोई जानकारी नहीं थी। दोनों को गैस प्लांट, रानीपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से दोनों जानकारी प्रसारित कर परिजनों की तलाश शुरू की।
सोमवार को महिला के ससुर राजकुमार निवासी महेंद्र नगर, नेपाल, हाल निवासी गांधी नगर, दिल्ली को इसकी जानकारी मिली। वह कनखल थाने पहुंचे और महिला की पहचान सुमन व बच्ची की पहचान शिवानी के रूप में की। सीओ ने बताया कि महिला के ससुर ने जानकारी दी कि सुमन का पति करन उर्फ कर्मा भी बोल नहीं पाता है और अभी घर नहीं पहुंचा है। वह पैदल कांवड़ लेकर घर पहुंच जाएगा। महिला को उसके ससुर के सुपुर्द किया।