हरिद्वार। हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली का वेशधारण कर आए कलाकारों को फिल्मी धुनों पर नचाने का हरिद्वार के साधु-संतों ने कड़ा प्रतिवाद किया है। संतों ने चेतावनी दी सनातन धर्मी कहने वाले यदि अपने ही देवी-देवताओं के अपमान से बाज न आए तो आयोजनों का संत समाज बहिष्कार करेगा। आयोजकों को भी दंडित करेगा।
बुधवार को भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने कहा कि इलाहाबाद की सड़कों पर हनुमान जयंती के जुलूस में हनुमान को मुन्नी बदनाम हुई गाने की धुन पर नाचता हुआ दिखाया गया। चैनलों के माध्यम से पूरे विश्व में बजरंगबली का यह उपहास देखा है। आश्चर्य की बात है कि जिस शहर में कुंभ हो रहा हो, वहां देवी-देवताओं को इस प्रकार अपमानित किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा हिंदुओं के धार्मिक मानबिंदुओं पर चोट पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इलाहाबाद कुंभ में होने वाली बैठकों में उन व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा, जिन्होंने यह जुलूस निकाला। जयराम आश्रम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ, दक्षिण काली पीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी आदि ने कहा श्रीकृष्ण, दुर्गा और हनुमान के प्रतिरूप यदि नाचेंगे, तो हिंदू धर्म हास्य का पात्र बन जाएगा। तीनों संतों ने चेतावनी दी पूरे देश में इस प्रकार के कृत्य को रोका जाए। इलाहाबाद कुंभ में इस विषय को लेकर एक बैठक का आयोजन किया जाएगा।