भगवान परशुुराम के रूप में विष्णु ने छठा अवतार परशुराम की जयंती पर पंचपुरी में कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। ब्राह्मण महासभा ने परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके जीवन दर्शन को याद किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता थे
भीमगोडा में उत्तराखंड ब्राह्मण महासभा की ओर से परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। परशुराम पार्क में लगाई गई प्रतिमा का अनावरण शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने किया। संस्था के अध्यक्ष पवन प्रकाश शर्मा ने कहा कि परशुराम अजर और अमर है। वे शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता थे। ब्राह्मणों को उनका अनुसरण करना चाहिए। क्षेत्रीय अध्यक्ष देवकी नंदन शर्मा, महामंत्री गोस्वामी गगन दीप, अनिल शर्मा, बृज भूषण विद्यार्थी आदि ने भी विचार रखे। ऑल इंडिया ब्राह्मण सभा ने हरकी पैड़ी पर जन्मोत्सव मनाया। मां गंगा और परशुराम का संयुक्त पूजन किया गया। इस मौके पर अमित गौतम, संजय वशिष्ठ, उमाशंकर, राज कुमार, राजेंद्र कुमार, एसपी जखमोला आदि ने विचार रखे। अपर रोड हरिद्वार में परशुराम जयंती महासभा ने मनाई। आशुतोष तुंबड़िया ने इस सार्वजनिक अवकाश की मांग की। ज्ञानेंद्र पंडित, अमर आत्रेय, चंद्र बोस, किशन शर्मा आदि ने परशुराम के नाम एक द्वार पंचपरी में बनाने का प्रस्ताव रखा।
धर्म रक्षा मिशन में इस अवसर पर कनखल की एक गरीब कन्या का विवाह आर्थिक सहायता देकर कराया। अध्यक्ष नितिन शुक्ला, अचिन अग्रवाल, आशु बंसल आदि ने योगदान दिया। राजगार्डन जगजीतपुर में मातृ आंचल संस्थान ने फल और बैग वितरित किए। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि परशुराम का अवतार समाज को सुधारने के लिए हुआ। महापुरुषों और ऋषि मुनियों ने समुचे समाज के कल्याण के लिए काम किया। भाजपा नेता उज्ज्वल पंडित ने किया सभी धर्मों के लोगों को साथ मिलकर परशुराम जयंती मनानी चाहिए। इस अवसर वीरेंद्र बोरी, कमलेश भारती, लव शर्मा, विविन शर्मा, मोहित वर्मा आदि ने भी विचार रखे। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में परशुराम जयंती मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित ने की। कार्यक्रम संयोजक डा. प्रकाश पंत, डा. बिंदुमति द्विवेदी, दिवाकर भट्ट आदि मौजूद थे।