ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने और घर-घर से कूड़ा एकत्रीकरण करने वाली कंपनी केआरएल के कर्मचारियों ने अघोषित रूप से कूड़ा उठाना बंद कर दिया है। वेतन नहीं मिलने से खफा केआरएलकर्मियों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
केआरएल के सफाई कर्मचारी बृहस्पतिवार को काम छोड़कर गैराज पर प्रदर्शन करेंगे। नगर निगम कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त हो इस संबंध में ज्ञापन देकर शिकायत की है कि केआरएल कर्मचारियों को नवंबर से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है और उनके सामने भरण-पोषण का संकट है। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बुधवार को नगर निगम में बैठक की और कर्मचारियों का भुगतान नहीं होने पर रोष व्यक्त किया है। ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र तेश्वर, सुनील राजौर, मनोज कुमार और मुकेश शामिल हैं। इनका कहना है कि कर्मचारियों को नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी का वेतन नहीं मिला है और होली भी नजदीक है। इस संबंध में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय का कहना है कि केआरएल कर्मचारियों के वेतन की जिम्मेदारी कंपनी की है। कर्मचारियों कीओर से ज्ञापन आया था, जिस पर उन्होंने एक महीने की टिपिंग शुल्क का भुगतान करने का आदेश कर दिया है। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल ने बताया कि केआरएल के कूड़ा नहीं उठाने की स्थिति में नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।