ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
शहर का एक थाना आजकल सुर्खियों में है। इसकी वजह एक खास बिरादरी की सांठगांठ से चल रहा उगाही का खेल है। झूठी शिकायतों के दम पर पुलिस खास बिरादरी से जुड़े कुछ चेहरे जमकर वारे न्यारे कर रहे हैं। इस पूरे खेल में महत्वपूर्ण भूमिका एक पुलिस अधिकारी अदा कर रहा है। एक आला अफसर के निर्देश पर स्थानीय अभिसूचना तंत्र (एलआईयू) ने भी इस पूरे खेल की थाह लेनी शुरू कर दी है।
पूरा खेल कुछ इस तरह चल रहा है। शहर के एक मुख्य थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी की अपनी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले कुछ लोगों से बेहद करीबी संबंध हैं। एक ही बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले ये चेहरे अपनी या दूसरे आमजन की शिकायतें लेकर कोतवाली पहुंचते हैं। यहीं से ही उगाही का खेल खेला जाता है। स्थानीय पुलिस एक्शन में आती है। फिर शिकायतकर्ता और आरोपी बताए गए पक्ष का आमना सामना कराया जाता है। बिरादरी से जुड़ा पक्ष मुकदमा दर्ज कराने की बात पर ही अडिग रहता है। उसके अडिग रहने पर पुलिस अधिकारी अपनी भूमिका को अंजाम देता है। वह तुरंत आस्तीनें चढ़ाते हुए दूसरे पक्ष के खिलाफ केस दर्ज कर उसे तुरंत हवालात में डालेने के निर्देश देता है। इधर, पुलिस अधिकारी के तेवर देखकर दूसरा पक्ष शिकायतकर्ता की मान मनौव्वल में जुट जाता है। मान मनौव्वल के बाद शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस लेने के नाम पर ठीक ठाक रकम वसूलता है। इधर, पुलिस भी दोनों पक्ष के बीच सुलह होने की बात कहकर चुप्पी साध लेती है। पूरा दबाव पुलिस अधिकारी ही बनाता है।
चर्चा है कि झूठी शिकायतों से की जाने वाली उगाही की फिर बंदरबांट होती है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक इस सांठगांठ की बात पहुंचने पर एलआईयू को पूरे खेल की तह तक जाने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को भी इस तरह का एक ताजातरीन मामला सामने आया, जिसमें लोन से जुड़ी एक शिकायत के नाम पर शिकायतकर्ता ने दूसरे पक्ष से कई लाख की रकम वसूल ली, जबकि दूसरे पक्ष ने लोन दिलाने के नाम पर 18 हजार की रकम ली थी और वह उसे वापस भी दे रहा था। लेकिन पुलिस अधिकारी ने इस बात को दरकिनार कर प्राथमिकी दर्ज करने की धमकी दी तो डरे सहमे पक्ष ने शिकायतकर्ता को कई लाख की रकम अदा कर दी। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने बताया कि मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है अगर शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।