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होट मिक्स प्लांट सीज होने से हाइवे निर्माण का काम ठप

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हरिद्वार।
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मुजफ्फरनगर-हरिद्वार हाईवे चौड़ीकरण का काम कर रही एरा कंपनी के हॉट मिक्स प्लांट की पर्यावरण की एनओसी न होने से एनजीटी ने सील कर दिया है। इससे अब हरिद्वार में बन रहे फ्लाई ओवर के साथ चौड़ीकरण का काम पर ब्रेक लग गया है। इससे पहले हरिद्वार में खनन बंद होने से निर्माण सामग्री नहीं मिलने से भी काम बाधित हो रहा था। हाईवे का चौड़ीकरण काम काम बंद होने से चारधाम और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सन 2010 में शुरू हुए मुजफ्फरनगर-हरिद्वार हाइवे के चौड़ीकरण के काम को सन 2014 में पूरा करना था। तय समय बीत जाने के बाद से निर्माण कार्य कर रही एरा कंपनी एक-एक साल आगे बढ़ाकर कार्य को पूरा करने को सरकार को आश्वस्त करती है। हर बार काम अधूरा ही रह जाता है। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से जिलाधिकारी दीपक रावत के प्रयास से हाईवे चौड़ीकरण के काम में तेजी आई थी। अब एरा कंपनी का हॉट मिक्स प्लांट सील होने से काम अधर में लटक गया है। एरा कंपनी ने अप्रैल महीने में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में पड़ रहे मुख्य प्वाइंटों का काम पूरा करने का वादा किया था। जिसमें मुख्यतया पतंजलि के सामने, ज्वालापुर और सिंहद्वार के तीन फ्लाई ओवरों का काम पूरा करना था। अब फिर से नई बाधा खड़ी हो गई है। एनजीटी के अधिकारियों ने करीब एक सप्ताह पहले कंपनी के बहादराबाद स्थित एकमात्र हॉट मिक्स प्लांट को सील कर दिया है।
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एनजीटी के आदेश पर कंपनी को वन विभाग की भूमि पर मिले पट्टे से भी खनन का काम बंद हो गया था। इससे अब हाईवे निर्माण के लिए न तो आरबीएम मिल रही है और न ही अन्य खनन सामग्री।
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हाईवे में अभी भी हैं सात ब्लैक डेथ प्वाइंट
- जिलाधिकारी ने निरीक्षण करते हुए चिन्हित किए थे डेंजर जोन
हरिद्वार।
हाइवे के चौड़ीकरण में नारसन से दूधाधारी चौक तक अभी तक सात ब्लैक डेथ प्वाइंट पर काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले महीने जिलाधिकारी दीपक रावत ने पुलिस अधिकारियों के साथ दूधाधारी चौक से नारसन तक निरीक्षण करते हुए 24 ब्लैड डेथ प्वाइंट चिह्नित किए थे। इन स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा था और भ्रमित होने से हादसे हो रहे थे। जिस पर कंपनी को इन सभी स्थानों पर निर्माण कार्य कराने को निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि ब्लैक डेथ प्वाइंट उसे कहते है जहां 500 मीटर की दूरी में पांच से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो जाए। इस दूरी को ब्लैक डेथ प्वाइंट कहते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक उन 24 स्थानों में से 17 पर काम हो चुका है। अभी शेष सात स्थानों में दूधाधारी चौक, चंडीपुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, ज्वालापुर, बौंगला के सामने टोल टैक्स, पतंजलि के सामने के स्थान शेष रह गए हैं।
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एनजीटी के नियमों को पूरा करने को यदि प्रशासन की आवश्यकता है तो वह पूरा सहयोग करेंगे। अब एनजीटी के निर्देशों पर कंपनी को आवंटित हुए खनन पट्टे बंद हो गए हैं। कंपनी यदि कोई प्राइवेट पट्टे को चिह्नित कर और नियमों का पालन करकर उनके पास अनुमति लेने को आए तो वह शीघ्रता से अनुमति कर देंगे। इसके अलावा मिट्टी उठाने के लिए पूरी तरह से अनुमति दी हुई है। हाईवे के निर्माण के लिए सभी संभव अनुमति देने को वह तैयार है।
- दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार।
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