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हरकी पैडी क्षेत्र में फिर हटवाया अतिक्रमण

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हरिद्वार। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को प्रशासन ने जिलाधिकारी दीपक रावत के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सैकड़ों अतिक्रमण हटवाए गए। अभियान के दौरान स्वामित्व और अलाटमेंट के कागज नहीं दिखा पाने पर 18 दुकानों को सील कर दिया गया अभियान के दौरान जिलाधिकारी को प्लास्टिक का बड़ा गोदाम भी मिला। इसे सील कर दिया गया है।
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गंगा घाटों पर सफाई कराने और अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए थे। शनिवार को हाईकोर्ट की ओर से नामित कमिश्नर हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण करने आएंगे। इस प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत शुक्रवार को एक बार फिर सरकारी अमले के साथ मैदान में उतरे। इस दौरान नगर निगम और सिंचाई विभाग की टीम ने हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कई अतिक्रमण तुड़वा दिए। कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास भी किया लेकिन सफलता नहीं मिली। कांगड़ाघाट पर बनाए गए कई अस्थायी ढाबों और दुकानों को हटवा दिया गया। कांगड़ा घाट पर ही नाले पर स्लैब डालकर बनाई गई दुकान को हटवाकर इस नाले को खोलने का निर्देश दिए।
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अभियान के दौरान गऊघाट पुल और कुशावर्तघाट के बीच अवैध रूप से बनी छह दुकानों को सील किया गया। गऊघाट पुल के नीचे अपने को नगर निगम की किरायेदार बता रही महिला को भी हटा दिया गया। उसने नगर आयुक्त डा. ललित नारायण मिश्रा के साथ अभद्रता भी की। उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। सुभाषघाट पर संदीप अग्रवाल की कपड़े की दुकान, सचिन गौतम की रूद्राक्ष की दुकान, शंख की दुकान, नाईसोता नाले पर अलाटमेंट नहीं दिखा पाने पर चार चाट की दुकानों को सील किया गया। संजय पुल के सीढ़ियों के पास एक भोजनालय, जहान्वी बाजार में एक दुकान को सील किया गया है। जहान्वी बाजार में संजय पुल की ओर के दुकानदार डीएम के दलबल के साथ पहुंचने से पहले ही दुकान बंद कर भाग गए। नगर निगम की इन दुकानों को आवंटियों ने अवैध रूप से आगे लाखों रुपये की पगड़ी लेकर किराये पर चढ़ा रखी हैं इसलिए वे दुकान छोड़कर भाग गए। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह, कर एवं राजस्व अधीक्षक रमेश रावत, सहायक अभियंता दिनेश उनियाल व पवन कोटियाल के साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारी शामिल थे।
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