अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
राजस्व प्रशासन के खिलाफ इंसाफ की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरने पर बैठे परिवार का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। बजरंग दल और सीतापुर व्यापार मंडल के सदस्यों ने धरना स्थल पर पहुंचकर परिवार को समर्थन देते हुए प्रशासन से इंसाफ की मांग की।
तीसरे दिन भी धरने पर बैठे परिवार के मुखिया राजेश कुमार ने आरोप दोहराते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर बताया कि उनके परिवार की करीब छह बीघा जमीन आन्नेकी हेतमपुर गांव के पास थी जिसमें उसके पिता सोम सिंह उर्फ पीतांबर के हिस्से में तीन बीघा जमीन आती थी। वर्ष 1997 में उसके पिता को मृत दर्शाकर उसके चचेरे भाइयों ने उसकी जमीन राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करवा ली। तत्कालीन तहसीलदार और लेखपाल ने मृत्यु प्रमाण-पत्र भी नहीं देखा। इसके बावजूद जमीन उनके नाम दर्ज कर दी गई। राजेश कुमार के अनुसार उसके पिता की मृत्यु वर्ष 2008 में हुई । उसके बाद उसे इन तथ्यों का पता चला। उसके चचेरे भाइयों ने उसके पिता को मृत दर्शाकर फर्जी तरीके से उसकी जमीन अपने नाम पर दर्ज करवा ली थी। इस मामले में राजस्व अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेजों की भी अनदेखी की।
तहसील परिसर में अपनी पत्नी संगीता तथा बच्चों दीक्षा, हिमांशु, अभिषेक तथा प्रियांशु के साथ धरने पर बैठे राजेश कुमार के पास पहुंचकर बजरंग दल के नेता गौरव चौहान, और मोहित चौहान के साथ ही सीतापुर व्यापार मंडल के सदस्यों विकास चौहान और अंकित चौहान आदि ने भी समर्थन दिया।
वहीं तहसीलदार सुनैना राणा का कहना है कि यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही फैसला किया जाएगा।